भारत में कानून की पहली 'ई-किताब' जारी
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। ई-किताब प्रेमियों के लिए एक तोहफा। भारत में कानून की पहली ई-किताब का लोकार्पण रविवार को किया गया है।
किताब छोटे उपकरण की तरह है जिसे पाठक इंटरनेट से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें दो गिगाबाइट(जीबी) की मौजूद सामग्री को बिना वजन के कहीं भी सरलता से ले जाया जा सकता है।
पुस्तक 'द कोड ऑफ सिविल प्रोसिजर 1908' के लेखक अनुपम और मोनिका श्रीवास्तव एक साथ राजधानी में प्रैक्टिस करते हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन कानूनी किताबों के जानेमाने प्रकाशन मनुपात्रा ने किया है। इसका अनावरण दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मदन बी.लोकुर और ए.के. सिकरी ने किया।
पुस्तका का लोकार्पण करते हुए लोकुर ने कहा, "यह ऐतिहासिक पल है, जब भारत में कानून की पहली ई-किताब जारी की जा रही है। इस कदम से निश्चित रूप से न्याय की प्रक्रिया में तेजी आएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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