अस्पताल में ज्योति बसु के दिन
एक जनवरी- बसु को छाती में संक्रमण की शिकायत के बाद शाम में एमआरआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सीटी स्कैन से पता चला कि वह निमोनिया से ग्रसित हैं। इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम बनाई गई।
दो जनवरी- सुबह में बसु को गहन ह्रदय चिकित्सा कक्ष (आईसीसीयू) में स्थानांतरित किया गया। मेडिकल बुलेटिन में उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
तीन जनवरी- बसु की हालत में सुधार। उन्हें एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया। उनके इलाज के लिए छह चिकित्सकों की टीम गठित।
पांच जनवरी- बसु के स्वास्थ्य में सुधार। मेडिकल बोर्ड के प्रमुख ए.के.मैती ने कहा कि बसु को तरल पदार्थ दिया जा रहा है और उनका रक्तचाप सामान्य है।
छह जनवरी- बसु के स्वास्थ्य में गिरावट। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
सात जनवरी- वेंटिलेटर पर बसु स्थिर। हालचाल पूछने माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी अस्पताल पहुंचे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अस्पताल पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता देने की पेशकश की।
आठ जनवरी- बसु की हालत नाजुक लेकिन स्थिर। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवगौड़ा अस्पताल पहुंचे और कहा कि उन्होंने बसु से मुलाकात की। मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञ चिकित्सकों से टेलीकांफ्रेंसिंग की।
नौ जनवरी- बसु अवचेतन की अवस्था में चले गए।
10 जनवरी- बसु के स्वास्थ्य में सामान्य सुधार लेकिन नाजुक।
11 जनवरी- हालत नाजुक और बुखार।
12 जनवरी- नाजुक लेकिन बुखार में कमी।
13 जनवरी- हालत नाजुक।
14 जनवरी- बसु की हालत और खराब हुई। उन्हें डायलसिस पर रखा गया। अधिकतम वेंटिलेटर पर रखा गया।
15 जनवरी- कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।
16 जनवरी- बसु का स्वास्थ्य अत्यधिक नाजुक। रक्तचाप में कमी। पारिवारिक सदस्य अस्पताल पहुंचे। अमिताभ बच्चन अस्पताल पहुंचे और उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की।
17 जनवरी- हालत नाजुक। सुबह 11.47 बजे अंतिम सांस ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications