भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है: जरदारी

पाकिस्तान के राष्ट्रपति असिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है और पाकिस्तान को भारत से कोई ख़तरा नहीं है. उन्होंने दोबारा भारत-पाक समग्र वार्ता शुरु किए जाने पर ज़ोर दिया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़रदारी ने लाहौर में गवर्नर हाउस में शुक्रवार रात कुछ पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये विचार व्यक्त किए हैं.
भारत से संबंधित एक सवाल के जवाब में उनका कहना था, "भारत में एक परिपक्व लोकतांत्रिक व्यवस्था है और एक लोकतंत्र दूसरे लोकतंत्र पर हमला नहीं करता."
जहाँ ज़रदारी ने भारत-पाक समग्र बातचीत पर ज़ोर दिया वहीं उन्होंने ये भी कहा कि मुंबई हमलों के बाद 'पाकिस्तान भारत के सामने हाथ फैलाए बातचीत के लिए गिड़गिड़ा नहीं रहा' है.
उनका कहना था, "मुंबई हमलों के सिलसिले में संदिग्धों के ख़िलाफ़ एक मामला आदालत में चल रहा है इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन पाकिस्तान का बातचीत में विश्वास है और भारत के साथ सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के ज़रिए निकाला जा सकता है. शहीद ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने बातचीत के ज़रिए शिमला समझौता किया था और हम भी बातचीत के रास्ते पर ही चलेंगे."
अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर उनका कहना था कि अमरीका और पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं हैं.
ज़रदारी ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा ने मुझे पत्र लिखा था और अपनी सरकार की अफ़-पाक नीति को अंतिम रूप देने से पहले मुझसे फ़ोन पर बात भी की थी. अमरीका और पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं हैं...पाकिस्तान-अमरीका रिश्तों का एक लंबा इतिहास है. अमरीका ने पाकिस्तान में हाल मे तानाशाही से लोकतंत्र के रास्ते पर चलने के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किया था."
राष्ट्रपति ज़रदारी से 17वें संविधान संशोधन के बारे में भी पूछा गया. इस संशोधन के तहत राष्ट्रपति को ख़ासे अधिकार दिए गए थे और अब उस संशोधन को वापस ले लिया गया है चाहे उसके बारे अभी कुछ लिखित काम होना बाक़ी है.
इस पर ज़रदारी का कहना था, "हमारी संसदीय प्रणाली है, राष्ट्रपति व्यवस्था नहीं. इसलिए अधिकार प्रधानमंत्री के पास ही होने चाहिए."












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