उप्र में ट्रेन हादसे में 3 मरे, 14 घायल (लीड-3)
फिरोजाबाद जिला प्रशासन के अनुसार टुंडला रेलवे स्टेशन के समीप सुबह करीब आठ बजे दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर कालिंदी एक्सप्रेस और श्रमशक्ति एक्सप्रेस की टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए।
रेल मंत्रालय ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति का नेतृत्व रेलवे के सुरक्षा मामलों के आयुक्त कर रहे हैं। रेलवे ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और अन्य को 10-10 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
फिरोजाबाद के जिलाधिकारी एन.जी. रवि कुमार ने आईएएनएस को बताया, "श्रमशक्ति में सवार दो महिलाओं और एक बच्चे सहित तीन मुसाफिरों की मौत हो जाने की जानकारी हमें मिली है।"
उन्होंने बताया, "राहत कार्य करीब-करीब खत्म हो चुका है और 14 घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है। घायलों में अधिकांश महिलाएं हैं। घायलों को टुंडला और आगरा के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।"
कुमार ने कहा कि हादसे के कारण का पता अभी तक नहीं चला है लेकिन कोहरा भी एक अहम वजह हो सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोनों रेलगाड़ियां कानपुर जा रही थी। श्रमशक्ति एक्सप्रेस दिल्ली से और कालिंदी एक्सप्रेस भिवानी से आ रही थी।
फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रघुवीर लाल ने आईएएनएस को बताया, "टुडला रेलवे स्टेशन के समीप कालिंदी एक्सप्रेस श्रमशक्ति एक्सप्रेस से जा टकराई।"
उन्होंने बताया, "हादसे की वजह से श्रमशक्ति एक्सप्रेस के दो पिछले डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हादसे में घायल 14 लोगों में कम से कम सात महिलाएं हैं।"
आगरा रेलमंडल के प्रबंधक देवेश मिश्रा ने कहा कि हादसे में श्रमशक्ति एक्सप्रेस का महिलाओं का डिब्बा और गार्ड केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की वजह से दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर दो घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। मिश्रा ने बताया, "ऐसा लगता है कि घने कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी जिसके कारण चालक देख नहीं पाया।"
लोगों ने राहत कार्य विलंब से शुरू होने की शिकायत की है। उनका है कि राहत कार्य यात्रियों ने स्वयं ही शुरू किया।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आर.डी.वाजपेयी ने कहा कि रेल मंत्रालय हादसे को गंभीरता से ले रही है और मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, "कम समय के अंतराल पर हो रहे रेल हादसे दुर्भाग्यपूर्ण हैं और एक व्यापक जांच की आवश्यकता है।"
उल्लेखनीय है कि दो जनवरी को कानपुर में दो रेल हादसे हुए थे, जिनमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा उसी दिन इटावा में भी दो रेलगाड़ियों की टक्कर हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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