क्या आस्ट्रेलिया में सुरक्षित हैं भारतीय?
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया में भारतीय नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों से वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। वैसे आस्ट्रेलियाई में पढ़ाई करने वाले और नौकरीपेशा अधिकांश लोगों मानना है कि जरूरी नहीं कि ये हमले नस्ली हों। उनका मानना है कि इनके पीछे आपराधिक तत्वों का हाथ हो सकता है, जो कमजारों को निशाना बनाते हैं।
मेलबर्न में कार्यरत इलाहाबाद के विशाल वैश्य ने फोन पर आईएएनएस को बताया कि वह वहां भयभीत महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं सुबह नौ से शाम पांच बजे तक अपने कार्यालय में काम करता हूं। मुझे आम लोगों से मुलाकात का समय काफी कम मिलता है।"
भारतीयों पर हो रहे हमले के संबंध में विशाल ने कहा, "यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के व्यक्ति हैं। आप कैसी जिंदगी जीते हैं। हमलों के पीछे असमाजिक तत्व हो सकते हैं।"
एक अन्य छात्र स्वपनिल शाह ने कहा कि मेलबर्न, मोनाश और ला टोर्ब जैसे विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को अधिक समस्या नहीं आ रही है। उन्होंने कहा, "वैसे लोगों को समस्याएं आती हैं जो भारत से आए हैं और अंग्रेजी में बात नहीं कर सकते हैं। वे वहां भारत की ही तरह-सार्वनिक स्थलों थूकते, मल-मूत्र त्यागते हैं।"
शाह ने कहा, "मेलबर्न में शाम आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है यदि आप अकेले यात्रा कर रहे हैं। अधिकांश हमलावर नशेड़ी होते हैं, वे स्थानीय छात्र नहीं होते हैं। "
उधर, एक अन्य छात्र मुकुल खन्ना भारतीयों पर हो रहे हमलों से बेहद चिंतित हैं। आस्ट्रेलिया में लगातार हो रहे हमलों की वजह से खन्ना के अभिभावकों ने उन्हें सिडनी से वापस बुला लिया है।
खन्ना ने कहा कि आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे हमलों से वह भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि उनके एक करीबी दोस्त पर हमला हुआ था।
उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में पिछले वर्ष मई से अब तक लगातार भारतीयों पर हमले हो रहे हैं। हाल े मेलबर्न में एक गुरुद्वारे में आग लगा गई थी और एक भारतीय टैक्सी चालक पर हमला हुआ था। भारत इन हमलों को गंभीरता से ले रहा है और आस्ट्रेलियाई प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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