डच कैंसर मरीज को भारत में मिली जीवन की नई उम्मीद
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। केन्या में रहने वाले कैंसर से पीड़ित डच नागरिक डिक गैडील्ला जब इलाज के लिए भारत आए तो उन्हें अपना जीवन बच पाने की बहुत कम उम्मीद थी, लेकिन आज उन्हें लगता है कि मानो वह किसी डरावना सपने से जगे हैं।
गैडील्ला से हॉलैंड के चिकित्सकों ने कह दिया था कि उनका कुछ महीने का ही जीवन शेष है। एक चिकित्सक द्वारा इलाज के लिए भारत जाने के लिए कहने के बाद वह यहां आए थे। बेंगलुरू के एक अस्पताल हेल्थकेयर ग्लोबल में उनकी कीमोथैरेपी की गई और उनकी सर्जरी भी की गई थी।
गैडील्ला कहते हैं, "यहां के इलाज का नतीजा बहुत अच्छा रहा है। मेरा परिवार अब तक विश्वास नहीं कर पा रहा है कि मेरी हालत में किस तरह सुधार हो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे हम सभी किसी बुरे सपने से जागे हैं।"
दक्षिण एशिया के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल हेल्थकेयर ग्लोबल, बेंगलुरू के कैंसर विशेषज्ञ और गैडील्ला के चिकित्सक बी.एस. अजयकुमार कहते हैं कि यह मामला बताता है कि क्यों चिकित्सा के लिए भारत पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। इसके अलावा यहां इलाज सस्ता भी है।
भारतीय उद्योग परिसंघ की मैककिन्से रिपोर्ट बताती है कि इलाज के लिए यहां आने वाले लोगों की संख्या हर साल 25 प्रतिशत की दर से बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2012 तक ऐसे मामलों से होने वाली आय दो अरब डॉलर तक बढ़ जाएगी।
अजयकुमार ने गैडिल्ला के मामले को एक चुनौती की तरह स्वीकार किया था। आठ सप्ताह तक तीन चरणों में हुए इलाज के बाद अब 62 वर्षीय गैडील्ला में कैंसर के कोई लक्षण नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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