गुजरात में उत्तरायण समारोह में आकाश पर लहराईं रंग-बिरंगी पतंगें
यह पर्व सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसी पर्व को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। फसलों के इस त्योहार को महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में मकर संक्रांति, पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा में पौष संक्रांति, तमिलनाडु में पोंगल और असम में बिहू के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर घरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनते हैं। पारंपरिक व्यंजन उन्धियु, जलेबी, लड्ड और चिक्की दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच बांटे जाते हैं।
यद्यपि गुजरात में इस पर्व का मुख्य आकर्षण पतंगबाजी है। यहां पर्व के मुख्य दिन से एक सप्ताह पहले ही पतंगबाजी शुरू हो जाती है।
राज्य के पर्यटन सचिव विपुल मित्रा ने अहमदाबाद में कहा, "जाति और धर्म के भेदभाव के बिना राज्यभर में उत्तरायण पर्व मनाया जा रहा है।"
पर्व के दो सप्ताह पहले से ही शहर में पतंगों के विशेष बाजार शुरू हो गए थे, जहां अलग-अलग आकारों और रंगों की पतंगों की खूब बिक्री हुई। त्योहार के दिनों में यहां के पतंग निर्माता दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी पंतग बेचने जाते हैं।
उत्तरायण पर्व की प्रसिद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का अवसर बना लिया है। गुजरात सरकार हर साल यहां 10 से 14 जनवरी तक अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव का आयोजन करती है। इस साल यह पतंग उत्सव का 20वां आयोजन था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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