लाहौर बस सेवा एवं आगरा शिखर बैठक का सुझाव मेरा था : जसवंत सिंह
दीपांकर डे सरकार
लंदन, 14 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व विदेश मंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री जसवंत सिंह ने दावा किया है कि उनके सुझाव पर ही अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने लाहौर के लिए बस सेवा शुरू करने और आगरा में भारत-पाक शिखर बैठक का फैसला लिया था।
दक्षिण एशिया में शांति के लिए काम करने की इच्छा जाहिर करते हुए जसवंत सिंह ने कूटनीतिक लहजे में कहा कि वाजपेयी को लाहौर की बस पर चढ़ाने और उन्हें आगरा शिखर बैठक के लिए तैयार करने का श्रेय उन्हें ही जाता है।
बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में अपनी विवादास्पद पुस्तक "जिन्ना : इंडिया, पार्टिसन, इंडीपेंडेंस" के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण की लांचिंग के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मैं दक्षिण एशिया में शांति के लिए काम करना चाहता हूं, क्योंकि यह क्षेत्र अब तक के सर्वाधिक बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है।"
जसवंत सिंह ने कहा कि उन्हें 1999 में अपहृत एक भारतीय विमान के यात्रियों की जान की रक्षा के लिए खूंखार आतंकवादियों को अपने साथ कंधार ले जाने का कोई मलाल नहीं है, क्योंकि तब यही सर्वश्रेष्ठ विकल्प था। उन्होंने कहा कि अगर आज भी ऐसी स्थिति पैदा होती है तो वह ऐसा ही करना चाहेंगे।
वाजपेयी की लाहौर यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अमूमन प्रधानमंत्री बस में यात्रा नहीं करते हैं, पर मैंने वाजपेयी को सलाह दी कि अगर वह बस से लाहौर जाते हैं तो पाकिस्तान को खास संदेश जाएगा। मैंने यह सुझाव न्यूयार्क में दिया था।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा करगिल में घुसपैठ करने, जम्मू-कश्मीर विधान सभा एवं देश की संसद पर आतंकी हमला के बावजूद शांति दूत की अपनी भूमिका उन्होंने जारी रखी थी। वह कहते हैं, "जब मैंने मुशर्रफ को आगरा बुलाने का सुझाव दिया तो वाजपेयी ने मुझसे पलट कर पूछा कि हमें ऐसा क्यों करना चाहिए? मैंने उनसे कहा कि यह सब इंसानियत के लिए किया जाए। वाजपेयी मान गए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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