नए यूरोपीय आयोग के गठन पर आशंका के बादल
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इस खींचतान ने वर्ष 2004 में हुए वर्चस्व के संघर्ष की याद ताजा कर दी है जब विवाद के चलते दो प्रत्याशियों को अभूतपूर्व ढंग से नामंजूर कर दिया गया था। मौजूदा हालात में इस बात पर अनिश्चितता बन गयी है कि यूरोपीय संघ एक फरवरी तक नए प्रमुख को शपथ दिलवा पाएगा या नहीं।
विवादों के घेरे में यूरोपीय संघ के सहायता आयुक्त पद के लिए बुल्गारिया की उम्मीदवार रुमानिया जेलेवा हैं जिन्हें देश की राजनीति का प्रमुख सितारा माना जाता है। लेकिन इस कंजरवेटिव राजनीतिज्ञ की चमक मंगलवार को संसद में मद्धिम पड़ गई।
लिबरल और सोशलिस्ट सदस्यों (एमईपी)ने जेलेवा पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने वित्तीय हितों की घोषणा करते समय बुल्गारिया की फर्म ग्लोबल कंसल्ट के साथ अपने संबंधों के बारे में झूठ बोला है।
कंजरवेटिव्स यूरोपीय संसद में सबसे बड़ा समूह हैं। इन्हें पहले यूरोपीयन पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) के नाम से जाना जाता था। दूसरा बड़ा समूह सोशलिस्ट्स का है जिसे प्रोगेसिव एलायंस ऑफ सोशलिस्ट्स एंड डेमोक्रेट्स (एस एंड डी)के नाम से जाना जाता है।
तीसरा समूह लिबरल सदस्यों का हैं जिसे एलायंस ऑफ लिबरल्स एंड डेमोक्रेट्स फॉर यूरोप (एएलडीई) के नाम से जाना जाता है।
बैठक के बाद मुख्य राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों में इस बात पर सहमति बनी कि आयोग से यूरोपीय संघ के कार्यकारी और विधि विभाग से इस बात की पुष्टि करने के लिए कहा जाए कि जेलेवा की घोषणा यूरोपीय संघ के पारदर्शिता संबंधी नियमों के अनुरूप है या नहीं।
ईपीपी प्रमुख जोसेफ डॉल ने बयान में कहा, "मैं चाहता हूं कि जितनी जल्दी हो सके जेलेना की कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए ताकि नामजद बुल्गारियाई आयुक्त का उनकी योग्यता के आधार पर आकलन किया जा सके।"
बुधवार को पार्टियों ने यह मांग औपचारिक तौर पर रखी। लेकिन उसी दिन एस एंड डी समूह के प्रमुख मार्टिन शुल्ज ने आयोग के प्रमुख जोस मैनुअल बेरासो से अनुरोध किया कि वह बुल्गारिया सरकार पर जेलेवा के नाम की उम्मीदवारी वापस लेने के लिए दबाव बनाए।
कंजरवेटिव राजनीतिज्ञों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस विवाद को लिबरल और वामपंथी खुराफात करार दिया लेकिन बदले में खुद भी लिबरल और सोशलिस्ट्स प्रत्याशियों पर हल्ला बोल दिया।
ईपीपी के उपाध्यक्ष जोसेफ स्जायर ने कहा, "मैं कंजरवेटिव समूह की ओर से कहना चाहता हूं कि वे जेलेवा पर लगाए गए बेबुनियाद आरापों के खिलाफ उनकी निष्ठा का बचाव करेंगे।"
जोसेफ ने कहा कि उनकी पार्टी आयोग के उपाध्यक्ष पद के लिए मध्य-वाम स्लोवाक प्रत्याशी मारोस सेफ्कोविक की रोमा विरोधी टिप्पणी को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि आयोग का भावी उपाध्यक्ष जो भर्ती, समान अवसरों और लिंग जैसे संवदेनशील क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो, वह ऐसे भेदभावपूर्ण विचार रखे।"
जोसेफ ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने सेफ्कोविक की आलोचना जेलेवा पर हो रहे हमलों के जवाब में की है। सेफ्कोविक के नाम पर पुष्टि संबंधी बैठक सोमवार को होगी।
उधर, सेफ्कोविक के कार्यालय ने कहा है कि अगर अतीत में सेफ्कोविक ने किसी की भावनाओं को आहत करने वाला ऐसा कोई भी बयान दिया है तो उन्हें इसका बेहद खेद है। उन्होंने हमेशा रोमा समुदाय की सहायता से जुड़े प्रयासों में मदद की है।
जर्मन की कंजरवेटिव पार्टी के प्रमुख वार्नर लेंगन ने कहा है कि उनका समूह आर्थिक मामलों के उपायुक्त पद के लिए फिनलैंड के लिबरल प्रत्याशी ओली रेहन की उम्मीदवारी को लेकर चिंतित है। रेहन की पुष्टि का मामला संसद में सोमवार को उठेगा।
इसके अलावा कंजरवेटिव्स और सोशलिस्ट्स दोनों ही धांधली-निरोधक आयुक्त के पद के लिए लिथुआनिया के कंजरवेटिव प्रत्याशी से नाखुाश हैं।
यूरोपीय संघ के कानूनों के मुताबिक 26 भावी आयुक्तों को संसद से मंजूरी लेना अनिवार्य है। संसद में सुनवाई का दौर अगले मंगलवार तक जारी रहेगा। उसके बाद सप्ताह भर तक संसद में बहस होगी।
बुल्गारिया के प्रधानमंत्री ने बुधवार को उम्मीद जाहिर की थी कि जेलेवा को संसद से मंजूरी मिल जाएगी लेकिन सोफिया के सूत्रों ने खबर दी है कि प्रधानमंत्री ने जेलेवा के न चुने जाने की सूरत में वैकल्पिक योजना तैयार कर ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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