हवाई अड्डों पर विस्फोटकों की पहचान के लिए नए यंत्र का विकास
जर्मनी के वॉचबर्ग शहर में स्थित 'फ्रॉनहोफर इंस्टीट्यूट फॉर कम्यूनिकेशन, इंफॉरमेशन प्रोसेसिंग एंड इरगोनॉमिक्स' (एफकेआईई) के शोधकर्ताओं ने इस यंत्र का एक नमूना तैयार करने में सफलता हासिल की है।
वैज्ञानिकों ने इस यंत्र के नमूने को 'हैजाड्रस मेटिरियल लोकेलाइजेशन एंड पर्सनल ट्रैकिंग' (हेमलेट) नाम दिया है।
एफकेआई के विभागाध्यक्ष वूल्फगैंग कॉच ने कहा, "हेमलेट संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में सुरक्षाकर्मियों को आगाह करेगा। यह विस्फोटकों की सही तस्वीर पेश करेगा और उसके बारे में आंकड़ों के माध्यम से हमें सटीक जानकारी देगा।"
इस प्रणाली में 'स्मेल सेंसरों' (सूंघने वाले सेंसरों) का प्रयोग किया गया है, जो विस्फोटकों की पहचान में कारगर साबित होंगे। इसमें लगाए गए 'ऑस्किलेटिंग क्रिस्टल्स' के माध्यम से रसायनों से निकलने वाली तरंगों को पकड़ा जा सकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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