अब अपराध से निपटने में काम आएगी मेंहदी
मेंहदी से सने बाल का रंग भूरा-लाल इसलिए हो जाता है, क्योंकि इसमें लॉसोन नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है। कर्टिन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्न ोलॉजी के शोधकर्ता लॉसोन के इस्तेमाल वाली फिंगरप्रिंटिंग प्रविधि विकसित करने में लगे हैं। संस्थान में फोरेंसिक रसायन विभाग के सहायक प्रोफेसर सिमोन लेविस ने कहा कि यह नई प्रविधि ज्यादा कारगर साबित हो सकती है। उन्होंने इस प्रयोग के नतीजे को उत्साहवर्धक करार दिया है।
इस विश्वविद्यालय के एक शीर्ष शोधकर्ता रेनी जेली का भी मानना है कि ऐसी प्रविधि ज्यादा कारगर साबित हो सकती है। रेनी कहते हैं, "पेपर पर लिए गए अदृश्य फिंगरप्रिंट में पाए जाने वाले एमिनो एसिड के साथ मेंहदी का यह तत्व तुंरत प्रतिक्रिया करता है। जब आप लॉसोन का इस्तेमाल करते हैं तो फिंगरप्रिंट बैंगनी-भूरे रंग का हो जाता है। ऐसी सूरत में यह ज्यादा स्पष्ट और टिकाऊ हो जाता है। फोरेंसिक प्रकाश स्रोत के दायरे में आने पर ऐसे फिंगरपिंट्र और ज्यादा स्पष्ट दिखते हैं। इस स्थिति में अंगूठे के निशान का मिलान करना बेहद आसान हो जाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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