प्रधानमंत्री ने सोलर इंडिया मिशन का शुभारंभ किया
डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि इस मिशन का महत्व बिजली से संबंधित बड़े आकार का ग्रिड उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं है। इसमें भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के रूपांतरण की दिशा में हमारे प्रयासों को सफल बनाने की भी क्षमता है। इसके परिणामस्वरूप उद्योगों को विकेन्द्रीत करने और उन्हें विभिन्न स्थानों पर लगाने के अभियान को इतनी अधिक तेजी मिलेगी जो पहले कभी नहीं देखी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा की क्षमता तैयार करने का लक्ष्य निस्संदेह एक उच्च लक्ष्य है। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और हमें इसे प्राथमिकता वाले राष्ट्रीय प्रयास के रूप में प्राप्त करने के लिए एकनिष्ट भाव से कार्य करना चाहिए।
सूर्य की पृथ्वी पर ऊर्जा के सभी स्रोतों में प्रमुख स्रोत के रूप में भूमिका को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऊर्जा का ऐसा स्रोत है कि जिसके आधार पर मुख्य ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications