हसीना ने इंडिया इंक से निवेश का आग्रह किया (लीड-1)
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को इंडिया इंक को अपने देश में व्यापार के लिए आमंत्रित किया और इंडिया इंक ने हसीना के इस आग्रह को स्वीकार कर लिया।
इसके साथ ही भारती समूह ने जहां अपने दूरसंचार नेटवर्क को खड़ा करने के लिए बांग्लादेश में एक अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव दिया है, वहीं मेरु कैब्स, टाटा के साथ मिल कर 20,000 रेडियो कैब के साथ वहां परिवहन सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
हसीना ने कहा कि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार संतुलन सुनिश्चित होगा।
व्यापारिक साझेदारी के प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आए हैं, जब भारत सरकार ने सोमवार को बांग्लादेश के लिए एक अरब डॉलर के ऋण की घोषणा की है। भारत द्वारा द्विपक्षीय वित्तीय सहायता के तहत किसी देश को एकमुश्त दी जाने वाली अब तक की यह सबसे बड़ी राशि है।
व्यापारिक साझेदारी ये वादे दोनों देशों के व्यापारियों के बीच यहां आयोजित एक परिचय समारोह में किए गए।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, " 'डिजिटल बांग्लादेश' नामक राष्ट्रीय अभियान के तहत भारती इंटरप्राइजेज और वारिद टेलीकॉम ने दूरसंचार के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता किया है।"
दोनों कंपनियों ने बांग्लादेश में दूरसंचार सेवा के लिए हाल ही में 30 करोड़ डॉलर का एक समझौता किया था। चैंबर की ओर से कहा गया है कि आने वाले वर्षो में इस निवेश की राशि एक अरब डॉलर तक बढ़ सकती है।
बयान में कहा गया है, "मेरु कैब्स और टाटा समूह ने भी बांग्लादेश में निवेश की अपनी इच्छा जताई है। दोनों कंपनियां 10,000 से 20,000 रेडियो टैक्सियों के साथ वहां परिवहन सेवा शुरू करने की योजना बना रही हैं। इससे बांग्लादेश की परिवहन समस्या का समाधान होगा।"
इसके अलावा चैंबर ने फेडरेशन ऑफ बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में अपने कार्य को बढ़ाने के लिए एक समझौता किया है।
तीन प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं की ओर से यहां आयोजित एक कार्यक्रम में हसीना ने कहा, "हम दोनों देशों के बीच एक व्यापारिक संतुलन चाहते हैं। हम बांग्लादेश को गरीबी से मुक्त करना चाहते हैं।"
हसीना ने आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय निवेशकों और सरकार का आह्वान किया।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हसीना ने कहा, "इससे खरीदारी की हमारी क्षमता बढ़ेगी।"
ज्ञात हो कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर वस्त्रों के निर्यात पर निर्भर है। लेकिन वैश्विक मंदी और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण इस क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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