भारतीय भूमि पर चीन का कब्जा बढ़ा

हाल ही में लेह में जम्मू-कश्मीर सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय सेना के बीच हुई एक बैठक में यह बात सामने आई कि विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी भारत के नक्शे भिन्न हैं।
स्पष्ट नीति नहीं होने का फायदा उठाया
लेह के कमिश्नर एके साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह बात निकल कर आई कि पिछले बीस से पच्चीस सालों में चीन लगातार भारत की भूमि पर कब्जा बढ़ाता जा रहा है। यह प्रक्रिया इतनी धीमी गति से हो रही है कि जल्दी ध्यान इस पर नहीं जा सका। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि कोई स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण चीन इस बात का लाभ उठा रहा है।
इस मामल पर डिविजनल मजिस्ट्रेट सेरिंग नोरबू ने केंद्र को रिपोर्ट दी है। नोरबू ने कहा, "चीन के लोग यहां के डोकबुग इलाके में रहने वाले देहातियों को आए दिन धमकी देते हैं। प्रमाणिक तौर पर देखें तो 1984 में चीन ने नाग तसांग इलाके, 1991 में नाकुंग इलाके और 1992 में लुंगमा सेरडिंग इलाके पर कब्जा कर लिया।"












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