हिमाचल में पल्स पोलियो प्रतिरक्षण-2010 अभियान का शुभारम्भ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष की आयु तक के 7 लाख 17 हजार बच्चों को पल्स पोलियो की बूंदे पिलाई जाएंगी, जिसके लिए प्रदेश भर में 5,855 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 24 हजार 551 प्रशिक्षित श्रमशक्ति पल्स पोलियो बूथों पर तैनात की गई है, 93 मोबाइल वैन व 86 पल्स पोलियो पार्टियां गांव में घर-घर जाकर स्थानीय बच्चों व प्रवासी मजदूरों के शिविरों में जाकर पल्स पोलियों बूंदे पिलाने के लिए लगाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम तौर पर पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान साल में दो बार चलाया जाता है। चालू कलैण्डर वर्ष में द्वितीय चरण का अभियान 7 फरवरी 2010 को शुरू होगा। उन्होंने जागरूक समाज के माता-पिता, अभिभावकों व सभी लोगों से पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आने का आग्रह किया ताकि प्रदेश को पूर्ण रूप से पोलियोमुक्त बनाया जा सके व समाज को स्वस्थ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कोई भी बच्चा दवा पीने से न छूटे, को सुनिश्चित बनाने के लिए मोबाइल दलों को घर-घर जाकर सभी बच्चों को पल्स पोलियो बूंदे पिलाने के लिए कहा गया है।
प्रो़ धूमल ने कहा कि पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को दो बूंद पल्स पोलियो पिलाना है ताकि बच्चे पूरी तरह से पोलियो बीमारी से सुरक्षित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में नियमित रूप से इस अभियान को चलाया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा पल्स पोलियो बूंदे लेने से न छूटे। उन्होंने गैर सरकारी संस्थाओं से भी आग्रह किया कि वे प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश को पोलियोमुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए अभियान में अपना सहयोग दें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications