भारत ने बोत्सवाना को 2 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया
गैबोरोन (बोत्सवाना), 10 जनवरी (आईएएनएस)। अफ्रीका में सुशासन का उदाहरण माने जाने वाले और हीरा समृद्ध बोत्सवाना को भारत ने दो करोड़ डॉलर का कर्ज और 80 लाख डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है।
तीन अफ्रीकी देशों के दौरे के अंतिम चरण में शनिवार को गैबोरोन पहुंचने वाले भारतीय उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सामाजिक परियोजनाओं के लिए 80 लाख डॉलर की सहायता और दो करोड़ डॉलर के कर्ज की घोषणा से पहले बोत्सवाना के उपराष्ट्रपति मोम्फाती मेराफे से वार्ता की।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विवेक काटजू ने संवाददाताओं को बताया कि उपराष्ट्रपति ने बोत्सवाना में हीरा खनन में रुचि का संकेत दिया लेकिन यह मामला दोनों नेताओं की वार्ता में नहीं उठा।
मंगलवार को तीन देशों के दौरे पर रवाना होने से पहले उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "बोत्सवाना दुनिया का पहला या दूसरा बड़ा हीरा उत्पादक है और गुजरात में हमारे पास हीरा तराशने का बड़ा उद्योग है।"
बोत्सवाना की आजादी के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 1986 में उपराष्ट्रपति आर.वेंकटरमण के दौरे के बाद से किसी भी वरिष्ठ भारतीय नेता ने बोत्सवाना का दौरा नहीं किया था।
राजकीय भोज के अवसर अपने भाषण में अंसारी ने कहा कि भारत कृषि, दवाओं, छोटे और मध्यम उद्यमों, सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और हीरा उद्योग में हासिल अत्याधुनिक तकनीक में बोत्सवाना को साझेदार बनाने को तैयार है।
काटजू ने कहा कि बोत्सवाना ने भारत की प्रशंसा भरोसेमंद आर्थिक सहयोगी के रूप में की। दोनों देशों ने बोत्सवाना के पड़ोसी देशों जिम्बाब्वे और कांगो रिपब्लिक की स्थिति पर भी चर्चा की।
बोत्सवाना ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की आवश्यकता से भी सहमति जताई
बोत्सवाना का क्षेत्रफल 582,000 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या 18 लाख है। बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण बोत्सवाना को अफ्रीका में अक्सर सुशासन का उदाहरण माना जाता है।
बोत्सवाना के साथ भारत के अच्छे रक्षा संबंध हैं। भारतीय थलसेना और वायुसेना का एक प्रशिक्षण दल वर्ष 1978 से ही बोत्सवाना में कार्यरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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