ज्योति बसु की सेहत में मामूली सुधार, लेकिन हालत चिंताजनक (लीड-1)
कोलकाता, 10 जनवरी (आईएएनएस)। वयोवृद्ध मार्क्सवादी नेता व पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के स्वास्थ्य में शनिवार की अपेक्षा रविवार को मामूली सुधार देखा गया, लेकिन उनकी हालत हालांकि अभी भी चिंताजनक बनी हुई। उन्हें कृत्रिम श्वसन प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया है। वह निमोनिया से पीड़ित हैं और गत एक जनवरी को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
एएमआरआई अस्पताल की ओर से रविवार दोपहर जारी किए गए स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया, "बसु की हालत कल (शनिवार) की अपेक्षा बेहतर है लेकिन चिंताजनक बनी हुई है। उन्हें अभी भी आंशिक तौर पर वेंटिलेटर पर रखा गया।"
बुलेटिन में कहा गया, "उनका केंद्रीय तंत्रिका तंत्र शनिवार की अपेक्षा बेहतर काम कर रहा है और वह पूछे जाने पर जवाब भी दे रहे हैं। उनका हृदय संबंधी तंत्र स्थिर हैं और मूत्र की जांच जारी है। उन्हें डायलिसिस की कोई जरूरत नहीं है।"
निमोनिया के कारण बसु (95 वर्ष) को पिछले दिनों कोलकाता के साल्टलेक स्थित एएमआरआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की प्रदेश इकाई के सचिव विमान बोस वरिष्ठ नेता का हालचाल जानने रविवार को अस्पताल पहुंचे।
बाद में पत्रकारों से चर्चा में मुलायम ने कहा कि बसु देश के महान नेताओं में हैं। 1996 में उनका प्रधानमंत्री न बन पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह अगर प्रधानमंत्री बन गए होते तो इस पद की गरिमा बढ़ती।
उनके बिगड़ते स्वास्थ्य से चिंतित होकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गत गुरुवार को बसु से मुलाकात की थी उनका कुशल क्षेम पूछा।
वर्ष 1914 में कोलकाता में जन्में बसु जून 1977 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने थे। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने नवंबर 2000 में मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था।
माकपा के संस्थापक सदस्यों में से एक बसु का वर्ष 1996 में प्रधानमंत्री बनना तय था लेकिन पार्टी ने इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications