प्रवासी भारतीय दिवस : प्रधानमंत्री को 9-10 फीसदी विकास दर की उम्मीद (लीड-2)
प्रवासी भारतीयों के वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "पिछले साल दुनिया को अभूतपूर्व आर्थिक और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस संकट से बेहतर ढंग से निपटा।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इस साल हमारी अर्थव्यवस्था सात फीसदी तक बढ़ेगी, जो दुनिया की सबसे तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगी। हमें यह भी आशा है कि हम जल्द ही 9-10 की विकास दर के राह पर लौट आएंगे।"
प्रधानमंत्री के अनुसार हाल के कुछ वर्षो के त्वरित विकास ने लाखों भारतीयों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकालने में मदद की है और जनसंख्या के एक बड़े हिस्से तक शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी देखभाल और आर्थिक अवसरों का लाभ पहुंचाया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "लेकिन यह काम लगातार जारी है और इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। मैं उन लक्ष्यों को हासिल करने में आपसे सहायता की इच्छा रखता हूं। बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम अपने प्रयासों को और गति देना चाहते हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "यह संभवत: सच है कि हमारी गति कुछ धीमी है लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हरेक कदम के साथ पीछे एक गहरी छाप छोड़ते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि हरेक नागरिक में राष्ट्रीय विकास में भागीदारी की भावना होनी चाहिए और यही एक तरीका है जिसके जरिए भारत विभिन्न विचारों और हितों को समाहित कर सकता है-यही ऐसा चरित्र है जो लोकतंत्र को ऊर्जावान बनाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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