मेलबर्न में भारतीय युवक की हत्या

यह दर्दनाक हादसा स्थानीय समयानुसार रात्रि के साढ़े नौ बजे के करीब हुआ। पुलिस के मुताबिक नितिन याराविले ट्रेन स्टेशन से निकला और एंडरसन स्ट्रीट से होते हुए क्रूकशांक पार्क की ओर जा रहा था। तभी कुछ लोग वहा पहुंचे और उसके पेट पर चाकू से कई वार करके फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक खून से लतपत नितिन करीब 300 मीटर तक चलकर मदद की गुहार लगाते हुए एक रेस्त्रां तक आया।
मदद की गुहार लगाते-लगाते दम तोड़ा
यही नहीं 21 वर्षीय नितिन ने रेस्त्रां के अंदर दाखिल होकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। नितिन ने वहीं अधमरा होकर दिया। पुलिस हत्या के सुराग खोज रही है। मौके पर मौजूद लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
भारतीय छात्र की हत्या का असर दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय तक दिखाई दिया। भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्ण ने बेंगलुरू में छात्र की हत्या की निंदा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की वारदातें बढ़ती रहीं तो दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
परिजनों में रोष
उधर लुधियाना में नितिन के परिवारीजनों का कहना है कि उन्हें यह खबर टेलीविजन के माध्यम से मिली। नितिन के परिवार ने भारत सरकार के खिलाफ खासा रोष प्रकाट किया है। उनका कहना है कि पिछले दो साल से ऑस्ट्रेलिया में कम से कम 100 भारतीयों पर हमले हो चुके हैं। अभी तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अबतो ऐसा लग रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा खतरा पंजाबियों को है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल क्रिकेटर हरभजन सिंह के चचेरे भाई की हत्या भी ऑस्ट्रेलिया में ही हुई थी।












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