देर से पढ़ाई शुरू करने वाले बच्चों का नहीं होता नुकसान
सिडनी, 4 जनवरी (आईएएनएस)। देर से पढ़ाई शुरू करने वाले बच्चों का कोई नुकसान नहीं होता। यह बात एक नए अध्ययन से सामने आई है।
ओटागो विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में डॉक्टरेट सेबेस्टियन सगैट ने तीन अध्ययन किए थे। इन अध्ययनों में पांच और सात वर्ष की उम्र में पढ़ाई शुरू करने वाले छात्रों के 11 वर्ष की उम्र में प्राथमिक स्कूल के अंतिम वर्ष में पहुंचने पर उनकी पढ़ने की योग्यताओं में कोई अंतर नहीं था।
अध्ययनकर्ता ने रुडोल्फ स्टीनर स्कूल के सात वर्ष की आयु में पढ़ना शुरू करने वाले सरकारी स्कूलों के पांच वर्ष की आयु में पढ़ाई शुरू करने वाले बच्चों की तुलना की। उन्होंने पाया कि 11 वर्ष की उम्र में या कक्षा सात में दोनों स्कूलों के बच्चों की पढ़ने की योग्यताएं एक समान थीं।
अब बच्चों को पांच वर्ष की उम्र में ही पढ़ना सिखाने के पहले के अवैज्ञानिक दृष्टिकोण को चुनौती मिल गई है।
सगैट ने अपने तीन वर्ष के अध्ययन के दौरान न्यूजीलैंड के करीब 400 बच्चों का नियमित सर्वेक्षण किया। इन सर्वेक्षणों में उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पांच वर्ष में शुरू कराने पर फायदा होने का कोई सांख्यिकीय परिणाम नहीं पाया।
अध्ययनकर्ता के मुताबिक जो बच्चे देर से पढ़ना शुरू करते हैं वे पहले वयस्कों के साथ खेल, भाषा और बातचीत के जरिए बहुत कुछ सीख चुके होते हैं और आगे की पढ़ाई शुरू करने के लिए उनकी नींव मजबूत हो जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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