तेलंगाना मुद्दे पर कांग्रेस और तेदेपा में मतभेद
तेलंगाना क्षेत्र से संबंध रखने वाले कांग्रेस और तेदेपा के प्रतिनिधि जहां पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे हैं वहीं आंध्र क्षेत्र के प्रतिनिधि इसका विरोध कर रहे हैं।
राजनीतिक मामलों के पर्यवेक्षकों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आम सहमति बनने की उम्मीद कम है। बैठक में आठ मान्यता प्राप्त दलों के नेता शामिल होंगे।
जहां तीन राजनीतिक दल पृथक तेलंगाना का समर्थन कर रहे हैं वहीं दो दल इसका विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर तीन ने इस संबंध में फैसला नहीं किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) केंद्र से पृथक तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया आरंभ करने की मांग करेंगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) पृथक तेलंगाना का विरोध कर रही है। दूसरी ओर मजलिस-ए-इत्तहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने अभी अपना रूख स्पष्ट नहीं किया है।
सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के दो-दो प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कांग्रेस की ओर से सांसद के.संबाशिव राव और विधायक उत्तम कुमार रेड्डी हिस्सा लेंगे। राव जहां पृथक तेलंगाना राज्य का विरोध कर रहे हैं वहीं रेड्डी इसका समर्थन कर रहे हैं।
कांग्रेस की तरह तेदेपा भी इस मसले पर एकमत नहीं है। पार्टी ने अभी अपने प्रतिनिधियों के नाम की घोषणा नहीं की है।
भाकपा के राज्य सचिव के.नारायण पृथक तेलंगाना का समर्थन कर रहे हैं। वहीं माकपा विधायक जे.रंगा रेड्डी एकीकृत राज्य का समर्थन कर रहे हैं।
बैठक में पीआरपी का प्रतिनिधित्व के.चिरंजीवी और सी.रामचंद्रिया करेंगे। भाजपा की ओर से बंडारु दत्तात्रेय और के.हरिबाबू बैठक में शामिल होंगे।
सर्वदलीय बैठक में एमआईएम का प्रतिनिधित्व पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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