रुचिका मामले की फिर से जांच होगी : मोइली
रुचिका की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में मोइली ने कहा, "यह एक आदर्श मुकदमा हो सकता है, जिसके जरिए हम देश के समक्ष एक उदाहरण पेश कर सकते हैं कि कानून सभी पर लागू होता है और इससे ऊपर कोई नहीं है।"
मोइली ने कहा, "पहला मामला छात्रा से छेड़छाड़ के प्रयास का बनता है। मामला इसी आधार पर बनना चाहिए लेकिन उसकी मौत हो जाती है। उसके साथ हर तरह का उत्पीड़न किया गया, उसके भाई के साथ भी, और फिर उसका स्कूल से निकाला जाना जिसकी वजह से उसकी मौत हुई..ऐसे में भारतीय दंड संहिता की धारा 305 (नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला होना चाहिए।"
धारा 305 के तहत आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। मोइली ने कहा कि जिन अधिकारियों ने राठौड़ का बचाव करते हुए धाराओं को पलटने की कोशिश की उनके खिलाफ भी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला चलाया जा सकता है।
रुचिका गिरहोत्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोपी हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस. राठौड़ को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 21 दिसंबर को दोषी करार दिया था और छह महीने जेल की सजा सुनाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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