महिलाओं पर हमले, मतभेदों से प्रभावित हुई कर्नाटक की छवि (फ्लैशबैक 2009)
इस साल आई बाढ़ ने भी कर्नाटक को निराश किया। बाढ़ से उत्तरी कर्नाटक के कई इलाके प्रभावित हुए जिसमें 200 लोगों की मौत हो गई जबकि लाखों लोग बेघर हो गए।
साल की शुरुआत में ही दक्षिणी कर्नाटक के तटीय जिले मंगलौर में 24 जनवरी को कुछ युवाओं ने पब में जाने वाली कुछ लड़कियों पर हमला कर दिया था। जब इस घटना के दृश्य टेलीविजन चैनलों पर दिखाए गए तो इन्हें देखकर लोग हतप्रभ हो गए। इसके बाद लोगों ने इस घटना को अंजाम देने वाले संगठन श्री राम सेना के खिलाफ इंटरनेट पर अभियान शुरू कर दिया था।
लोगों के गुस्से और अभियान के चलते श्री राम सेना को कर्नाटक में लोगों को वेलेंटाइन डे नहीं मनाने देने की अपनी योजना रद्द करना पड़ी थी।
कर्नाटक का राजनीतिक परिदृश्य भी इस साल उथल-पुथल भरा रहा। दक्षिण भारत में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को सत्ता के खेल में एक कड़वा सबक सीखने को मिला।
येदियुरप्पा ने भाजपा के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करने की दृष्टि से यहां से 400 किलोमीटर दूर स्थित बेल्लारी के खनन दिग्गज रेड्डी भाईयों की वित्तीय ताकत का कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) के कई विधायकों को यहां से दूर रखने के लिए इस्तेमाल किया।
दोनों भाईयों, पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और उनके बड़े भाई राजस्व मंत्री जी. करुणाकरण रेड्डी ने जब यह महसूस किया कि येदियुरप्पा उन्हें सरकार और पार्टी के कामकाज से दूर रखना चाहते हैं तो उन्होंने अक्टूबर-नवंबर में येदियुरप्पा को हटाने के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। वर्तमान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद उन्होंने अपना अभियान वापस लिया।
आमतौर पर कठोर दिखने वाले येदियुरप्पा इस अभियान के दौरान टेलीविजन पर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते दिखाई दिए।
साल के अंत तक विरोधियों ने एक बार फिर येदियुरप्पा का विरोध शुरू कर दिया। इस बार उन्हें 24 दिसम्बर को विधायक रेणुकाचार्य को मंत्रिमंडल में शामिल करने के खिलाफ विरोध का सामना करना पड़ा। रेणुकाचार्या के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है।
सितम्बर के अंत में उत्तरी कर्नाटक का एक बड़ा हिस्सा भारी वर्षा और बाढ़ की चपेट में आ गया था। राज्य सरकार के अनुमान के मुताबिक इस बाढ़ से हुई तबाही में 16,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
साल के अंतिम महीने में राज्य विधानसभा के दोनों सदनों की एक समिति गठित की गई है, जो नए बेंगलुरू अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे की गुणवत्ता और सुविधाओं की जांच करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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