2004 में स्वतंत्रता दिवस पर किए गए हमले के लिए उल्फा ने मांगी माफी
गौरतलब है कि गुवाहाटी से 400 किलोमीटर दूर धीमाजी कस्बे में 15 अगस्त, 2004 को परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित समारोह शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही शक्तिशाली बम विस्फोट किया गया था। इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने परेड ग्राउंड में हुए इस शक्तिशाली बम विस्फोट के लिए प्रतिबंधित संगठन उल्फा को जिम्मेदार ठहराया था। यद्यपि, उल्फा ने उस समय इस बम हमले में अपनी संलिप्तता को अस्वीकार कर दिया था।
उल्फा प्रमुख परेश बरुआ ने ई-मेल के माध्यम से जारी किए गए अपने एक बयान में कहा, " अब हम यह महसूस करते हैं कि वर्ष 2004 में हुए हमले से संबंधित हमारा बयान सही नहीं था। इसलिए हम असम के लोगों से माफी चाहते हैं। धीमाजी बम विस्फोट हमारे स्वतंत्रता संघर्ष का एक काला अध्याय है और इस बात के लिए हम आज तक दु:खी हैं।"
विद्रोही संगठन के नेता ने स्वीकार किया है कि उल्फा नेताओं को उनके समर्थकों और कनिष्ठ नेताओं द्वारा इस हमले के बारे में गुमराह किया गया था।
बयान में कहा गया है कि उस समय हुए विस्फोट में उल्फा नेताओं ने बताया था कि यह विस्फोट सुरक्षाबलों द्वारा किया गया है। हमने उनकी बात पर विश्वास किया और उसके बाद एक बयान जारी कर उस हमले में उल्फा के शामिल होने की बात को अस्वीकार कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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