देश में कई नए राज्यों की मांग

लद्दाख
जम्मू-कश्मीर के बौद्ध समुदाय कई वर्षों से लद्दाख को अलग करने की मांग कर रहे हैं। यही नहीं वे लद्दाख को यूनियन टेरेटरी का दर्जा दिलाने के प्रयास में हैं।
हरित प्रदेश
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक हिस्से को काटकर हरित प्रदेश की मांग रखी है। यह मांग वे बार-बार दोहरा चुके हैं।
पूर्वांचल
पूर्वी उत्तर प्रदेश को काटकर पूर्वांचल बनाने की मांग भी कई वर्षों से चल रही है। पूर्वांचल को तीन भागों में विकसित करने की बात चल रही है। पहली पश्चिम में अवधी, पूर्व में भोजपुरी और दक्षिण में बाघेलखंड। पूर्वांचल के कई दिग्गज नेता इस समय संसद में हैं।
मिथिलांचल या मिथिला
मैथिली भाषी लोग बिहार को काटकर मिथिलांचल या मिथिला राज्य बनाने की मांग कर रहे हैं।
बुंदेलखंड
उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट, झांसी, ललितपुर और मध्य प्रदेश के सागर जिले को एकत्र कर बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग सदन में कई बार दोहरायी जा चुकी है।
विंध्या प्रदेश
जब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग हुआ, तभी से यहां पर विंध्य प्रदेश की मांग उठी।
विदर्भ
महाराष्ट्र को काटकर विदर्भ अलग करने की मांग नागपुर व अमरावती क्षेत्र के लोग कई साल से कर रहे हैं।
मराठवाडा
राजनीतिक अपेक्षा के कारण काफी पिछड़े रहे मराठवाडा को अलग राज्य बनाने की मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हमेशा से करती आयी है। इस क्षेत्र में राकांपा का काफी वर्चस्व है।
कोंकण
महाराष्ट्र के प्रमुख जिले ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग को अलग कर कोंकण राज्य बनाने की मांग बार-बार उठती रहती है।
सौराष्ट्र
आर्थिक रूप से इस कमजोर क्षेत्र को गुजरात से अलग करने की मांग चल रही है। यह विभाजन भी भाषा के नाम कराने की योजना है।
गोरखालैंड
गोरखा जनमुक्ती मोर्चा ने पश्चिम बंगाल से पहाड़ी जिलों को अलग कर गोरखालैंड बनाने की मांग की है। यह मांग बार-बार उठती रहती है।
कमतापुर
पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग को काटकर कमतापुर राज्य के गठन की मांग वहीं के लोग करते आ रहे हैं।
बोडोलैंड
ब्रह्मपुत्र नदी से लगे हुए असम के इस भाग को बोडोलैंड राज्य के नाम से अलग करने की मांग असम के लोग कई बार उठा चुके हैं।
कारबी अंगलोंग
आर्थिक तरजीह नहीं दिए जाने के कारण चाचर हिल जिले के लोग कारबी अंगलोंग राज्य की मांग उठा चुके हैं।
कोशल या कोसल
उड़ीसा के दस जिलों को अलग राज्य कोसल के रूप में विकसित करने की मांग यहां की राजनीतिक पार्टियां कई बार उठा चुकी हैं।
भोजपुर
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्से को एक करके भोजपुर राज्य बनाने की मांग का एक पत्र गृहमंत्रालय को हाल ही में मिला था।
ग्रेटर कूच बेहार
पश्चिम बंगाल और असम के कुछ जिलों को मिलाकर ग्रेटर कूच बेहार बनाने की मांग उठ चुकी है।
गोंडवाना
आंध्र प्रदेश में तेलंगाना के बाद गोंडवाना को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग भी कई बार उठ चुकी है। तेलंगाना के साथ यह मुद्दा भी गर्म हो सकता है। गोंडवाना में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के हिस्से शामिल करने की मांग चल रही है।
ग्रेटर रायलासीमा
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर, करनूल, चित्तूर, प्राकासम, कडप्पा और नेल्लोर जिलों को मिलाकर ग्रेटर रायलासीमा बनाने की मांग भी इस समय चल रही है।
कोंगू नाडू
तमिलनाडु के पश्चिमी जिलों को अलग कर कोंगू नाडु बनाने की मांग कई बार उठ चुकी है।
कुर्ग
कर्नाटक के कोडागु जिले को कूर्ग के नाम से अलग राज्य बनाने की मांग कई बार उठी। कर्नाटक के इस जिले में कन्नड़ भाषा नहीं बोली जाती है। यहां के लोग कोडावा अथवा कूर्गी भाषी हैं।
उत्तरी कर्नाटक
गुलबर्गा, रायचुर और बिडर को अलग कर उत्तरी कर्नाटक राज्य बनाने की मांग चल रही है। असल में दक्षिणी कर्नाटक के लोग इन जिलों की अपेक्षा करते आए हैं।
तटीय कर्नाटका एवं केरल
एक बड़ा वर्ग तटीय कर्नाटक और केरल को मिलाकर एक नए राज्य के गठन की मांग कर रहा है। इस राज्य में तुलू भाषी लोग हैं, जो उडुपी, मेंगलूर और कासर गोड को एक राज्य में शामिल करना चाहते हैं।












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