चीन, भारत के कदमों से ओबामा को जलवायु परिवर्तन समझौते की उम्मीद
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए भारत और चीन की योजना तथा विकासशील देशों को एक वर्ष में 10 अरब डॉलर की मदद का उल्लेख करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन सम्मेलन में एक समझौते की उम्मीद जताई।
ओबामा अब अंतिम दिन 18 दिसम्बर को कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन में उपस्थित होंगे। पहले उनकी योजना ओस्लो में नोबेल पुरस्कार ग्रहण करने से एक दिन पहले सम्मेलन में उपस्थित होने की थी।
कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा, "महीनों के प्रयास के बाद कोपेनहेगन सम्मेलन के अर्थपूर्ण समझौते की दिशा में प्रगति हुई है। सभी देशों ने जलवायु परिवर्तन के वैश्विक खतरे के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया है।"
बयान के अनुसार भारत और चीन ने पहली बार कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लक्ष्य तय किए हैं। परंतु अभी भी कुछ मुद्दे हैं जिन पर समझौते के लिए चर्चा होनी चाहिए लेकिन इस फैसले से सम्मेलन के एक सकारात्मक परिणाम के लिए राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
बयान के अनुसार वर्ष 2012 तक जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए विकासशील देशों को 10 अरब डॉलर की सहायता देने पर भी सहमति बनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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