भोपाल गैस त्रासदी की 25वीं बरसी
भोपाल। भोपाल गैस हादसे के 25 साल गुजर जाने के बाद भी इस भयंकर विभीषिका की छाया यहां के नागरिकों का पीछा नहीं छोड़ रही है. वे उस मनहूस रात को कोस रहे हैं जब इस हादसे ने उनके अपनों को छीन लिया था. इस मौके पर राज्य के तमाम संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
भोपाल में विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियों, सभाएं, प्रदर्शन, फ़ोटो प्रदर्शनियाँ और संगीत के माध्यम से श्रद्धांजलि जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं. इसके पहले बुधवार की रात को भोपाल गैस दुर्घटना के शिकार हुए लोगों की स्मृति में मशाल जुलूस निकाला गया.
भोपाल में इस समय ग़ैरसरकारी संगठनों से जुड़े लोगों का भारी जमावड़ा है और उनकी इन आयोजनों में प्रमुख भूमिका है.कुल मिलाकर संदेश है कि इस हादसे को भूलें नहीं और इससे सबक लें.
ग़ैरसरकारी संगठनों की ओर से माँग की जा रही है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर नियंत्रण लगे ताकि इस तरह के हादसे फिर न हों.साथ ही यूनियन कार्बाइड से कचरा उठवाया जाए और जिन लोगों को अब तक मुआवज़ा नहीं मिला है, उन्हें उसका भुगतान हो और अस्पतालों को सुधारा जाए.
इधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी भोपाल गैस पीड़ितों को याद किया है. एक बयान में प्रधानमंत्री ने उन समाजिक संस्थाओं की तारीफ़ की है जिन्होंने पीड़ितों को राहत व न्याय दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया है. मनमोहन सिंह ने कहा कि त्रासदी से पीड़ित लोग लगातार मदद और सहानुभूति के हक़दार हैं.
मनमोहन सिंह ने कहा, " हम अपने नागरिकों को भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में ऐसी घटना फिर कभी न घटे, इसके लिए हम हर उपाय करेंगे और सावधानियां बरतेंगे."
उल्लेखनीय है कि 25 साल पहले भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से रिसी जहरीली मिथाइल आइसोसायनेट गैस के कारण हज़ारों लोग मारे गए थे और अनेक लोग स्थायी












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