'भारत हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ सबूत दे'
उन्होंने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत में कहा, “हमने उनको नज़रबंद क्यों किया क्योंकि संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव आया. उस प्रस्ताव के आधार पर हमने उनको गिरफ़्तार कर लिया. अदालत में उन की ज़मानत हो गई और ज़ाहिर है यह उनका अधिकार है." उन्होंने बताया, “लेकिन जहाँ तक उनके लिप्त होने का संबंध है तो अभी तक जो सूचना भारत ने हमें दी है, उसमें हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं. कोई ठोस सबूत नहीं हैं केवल सूचना है, उसकी बुनियाद पर हमने उनसे पूछताछ की है और वह जारी भी है."
गृह मंत्री ने आगे कहा, “अगर भारत के पास कोई किसी प्रकार का सबूत हैं जो कि अदालत में पूरा उतरे और सबूतों को लेते हुए हमें ख़ुशी होगी. जो सूचना भारत ने भेजी है हम उसको जांच के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं और अगर उस में से कुछ निकला तो हम हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ ज़रूर क़दम उठाएँगे लेकिन आपको पता है कि जब तक वह दोषी न हो तब तक उनको कुछ नहीं कह सकते."
रहमान मलिक ने कहा, “अभी तक जांच हमारी जारी है और जो सूचना भारत और हमें देगा, हम उस पर भी जांच करेंगे और इस पर भी जांच कर रहे हैं. क्योंकि हम आतंकवाद को किसी भी स्थिति में समर्थन नहीं करते और पाकिस्तानी की भूमि आतंकवाद के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने नहीं देंगे."
रहमान मलिक ने बताया, “इस का स्पष्ट प्रमाण यह है कि हमने जो आतंकवादियों के न्याय के कटघरे में लाने के लिए किया था, वह हम ने पूरा कर दिया. हालाँकि उन्होंने (भारत) न तो हमें एक आध नाम दिया था, हमारे अपने जांचकर्ताओं की मेहनत है और उन्होंने जांच की और सब को पकड़ा. इस तरह अगर हम मास्टरमाइंड लखवी को गिरफ़्तार कर सकते हैं तो वह कौन सी चीज़ हमें रोकती है कि हम उन (हाफ़िज़ सईद) को गिरफ़्तार नहीं करेंगे लेकिन अदालत में जा कर उनको दोषी ठहराना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है."
उनके मुताबिक न्यायपालिका इस देश में आज़ाद है और वे उसी हिसाब से चलते हैं और कोशिश यह कर रहे हैं कि अगर कोई सबूत मिल जाए ताकि वे अगर उनको गिरफ़्तार करें और अदालत उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दे. उन्होंने कहा कि वे यह चाहते हैं कि जांच के ज़रिए कोई ठोस सबूत मिले ताकि वह ज़मानत न ले सकें और मुक़दमा ठीक तरीक़े से चले. रहमान मलिक ने कहा, “लेकिन एक बात मैं साफ़ कर दूँ कि हम किसी भी सूरत में किसी प्रकार का दबाव नहीं लेंगे कि भारत हमें कह दे कि हम हाफ़िज़ सईद को गिरफ्तार कर लें. नहीं, हम ऐसा नहीं करेंगे और तथ्यों और सबूतों पर जाएँगे."













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