बोफोर्स मामला: अदालत का फैसला टला

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने गत तीन अक्टूबर को अदालत में दो दशक पुराने बोफोर्स मामले में क्वात्रोकी के खिलाफ लगे सभी आरोपों को खत्म करने की अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई की ओर से अदालत में पेश होते हुए अतिरिक्त महान्यायाधिवक्ता पीपी मल्होत्रा ने कहा कि पिछले वर्ष क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की कोशिशें नाकाम हो जाने के कारण मामला हमेशा लंबित नहीं रखा जा सकता।
दोनों मुद्दों पर होगा निर्णय
अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने सीबीआई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में याची के रूप में शामिल किया जाए। लेकिन मल्होत्रा ने कहा, "याची को इस मामले में याचिका दायर करने का कोई औचित्य नहीं बनता।" अदालत दोनों मुद्दों पर छह नवंबर को निर्णय करेगी।
इस बीच अग्रवाल ने सीबीआई में सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत भी एक आवेदन किया है। इसमें उन्होंने मामले के शुरुआत से इससे संबंधित सभी जानकारियां मांगी है। अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "मैंने सीबीआई में शुक्रवार को आरटीआई के तहत आवेदन किया है। मैं जवाब का इंतजार कर रहा हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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