गुड़गांव में 80 हजार कर्मचारी हड़ताल पर

हुआ यूं कि रीको कंपनी ने हाल ही में 16 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिसके विरोध में यहां के कर्मचारी दो दिन पहले हड़ताल पर चले गए थे। सोमवार को कुछ कर्मचारियों ने जब काम पर लौटने की बात कही, तो उनमें झड़प हो गई। इस बीच कर्मचारियों में मारपीट हो गई और उसी में घायल एक कर्मचारी की मौत हो गई। कई अन्य घायल भी हुए।
जिलाधिकारी ने जांच समिति बनाई
ऑटो कंपनी रीको की एक फैक्ट्री में सोमवार को एक कर्मचारी की मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई।
कामगार की मौत के विरोध में पहले कंपनी के कर्मचारी आगे आए और फिर उनकी यूनियन। रीको के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए की गई यह हड़ताल ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के आह्वान पर की गई है। हड़ताल के बाद से गुड़गांव की 60 से अधिक कंपनियों की 100 से अधिक फैक्ट्रियों का काम ठप हो गया है।
गुड़गांव के जिलाधिकारी ने इस मामले के निपटारे के लिए अतिरिक्त उपायुक्त पुष्पेंद्र चौहान के नेतृत्व में चार सदस्यीय एक समिति का गठन किया था। उधर, एटक गुड़गांव के महासचिव अनिल कुमार ने कहा, "अब तक हमें इस मामले को सुलझाने के संदर्भ में जिला प्रशासन या कंपनी की ओर से कोई संदेश नहीं मिला है।"
सड़कों पर उपद्रव
मंगलवार को रिको कंपनी के हड़ताली कर्मचारियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस की प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत हो गई। हड़तालियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इस दौरान भगदड़ मच गई। भीड़ ने कंपनी परिसर में भी पथराव किया।
कर्मचारियों ने जगह-जगह जाम प्रदर्शन भी किया। मंगलवार की शाम तक संबंधित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।












Click it and Unblock the Notifications