राजनीति से दूर जाना चाहते हैं आडवाणी

लोकसभा चुनावों में करारी हार और पार्टी में अंतर-कलह से निराश आडवाणी अब राजनीति संन्यास की सोच रहे हैं। उन्होंने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन हां वो अपने फैसले से पहले कुछ लोगों के साथ इस संबंध में चर्चा जरूर करना चाहते हैं।
नेताओं के आग्रह पर रुके हुए हैं आडवाणी
इसकी शुरुआत सोमवार को आडवाणी ने स्वामी विश्वेशवरा तीर्थ के समक्ष की। स्वामी जी ने उनसे कहा कि वो फिलहाल राजनीति में बने रहें और युवा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करें। आडवाणी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में स्वामी जी ने बताया कि उनके दिल्ली के आरके पुरम स्थित राघवेंद्र स्वामी मठ में इस संबंध में करीब पंद्रह मिनट चर्चा हुई। मई में लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद आडवाणी ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की बात कही थी, लेकिन पार्टी के नेताओं के आग्रह पर वे राजनीति में बने हुए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक आडवाणी नेता विपक्ष का पद भी छोड़ने का मन बना रहे हैं। संभवत: इसी साल वो नेता विपक्ष की जिम्मेदारी किसी अन्य को देकर वो मार्गदर्शक के रूप में पार्टी में बने रहेंगे।












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