'दलाई लामा भारत आने के लिए स्वतंत्र है'

कृष्णा ने कहा कि अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और दलाई लामा भारत में कहीं भी आने-जाने को स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि एकमात्र सवाल यह है कि वह अपनी इस यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी न करें। चीन दावा करता रहा है कि तवांग उसका हिस्सा है। दलाई लामा की नवम्बर महीने में तवांग जाने की योजना है।
चीन से लगती सीमाओं पर चीनी सेनाओं की ओर से बढ़ रही हरकतों पर शुरूआती हील हवाले के बाद अब भारत सरकार चिंतित हो उठी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने गुरूवार को इस मसले पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
देश के सभी प्रमुख कूटनीतिक रणनीतिकार बैठक में शामिल होंगे, जिनमें कैबिनेट सचिव, रक्षा सचिव, गृह सचिव, विदेश सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार एमके नारायणन, तीनों सेनाओं के प्रमुखों के अलावा रॉ प्रमुख केसी वर्मा और आईबी प्रमुख राजीव माथुर भी शामिल होंगे। लंबे समय के बाद यह पहला मौका है जब चीन को लेकर इतनी उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
करीब तीन हफ्ते की चुप्पी तोड़ते हुए विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने उन क्षेत्रों को विवादास्पद बताकर घटनाओं की अनदेखी की थी, लेकिन मीडिया में लगातार आ रही विस्फोटक खबरों ने भारत सरकार को चिंतित कर दिया है। गुरूवार की बैठक में चीन से निपटने की समग्र रणनीति बनाई जाएगी, ताकि 1962 की गलती टाली जा सके। रणनीति में लाईन ऑफ एक्चुएल कंट्रोल में फौज को बढ़ाना, सीमा पर सैन्य हथियार बढ़ाना और इंफ्रास्टक्चर में बढ़ोतरी भी शामिल होगा।












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