समलैंगिकता पर केंद्र नहीं बनेगा पक्ष

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बताया कि कैबिनेट ने मंत्रियों के समूह की सिफारिश पर विचार करने के बाद यह फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सहायता अटॉर्नी जनरल करेंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने दो व्यस्कों के बीच आपसी रजामंदी से बने समलैंगिक संबंधों को जायज ठहराने का फैसला दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले को कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मामले के संबंध में हलफनामा दायर कर अपना रुख साफ करने को कहा था।
काफी सोच-विचार के बाद केंद्र ने मामले से खुद को अलग रखने का फैसला किया है। कैबिनेट के इस फैसले से साफ हो गया है कि केन्द्र सरकार दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले की सुप्रीम कोर्ट में मुखालफत नहीं करेगी।












Click it and Unblock the Notifications