पाक से हिंदुओं का पलायन बढ़ा

पाकिस्तान से पलायन कर रहे लोगों का कहना है कि उनके पास वहां से भागने के अलावा कोई चारा नहीं है। इन परिवारों के अनुसार पाकिस्तान में तालिबान द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। यहां तक की उनके बच्चों को स्कूलों से निकाला जा रहा है। दुकानें और घर लूटे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान में तालिबान की हुकूमत चलती है।
भारत-पाकिस्तान के बीच 2006 में पहली बार थार एक्सप्रेस की शुरुआत की गई थी। हफ्ते में एक बार चलनी वाली यह ट्रेन कराची से चलती है भारत में बाड़मेर के मुनाबाओ बॉर्डर से दाखिल होकर जोधपुर तक जाती है। पहले साल में 392 हिंदू इस ट्रेन के जरिए भारत आए। 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 880 हो गया। पिछले साल कुल 1240 पाकिस्तानी हिंदू भारत आए जबकि इस साल अगस्त तक एक हजार लोग भारत आए और वापस नहीं गए हैं।
इनमें से काफी लोग कभी वापस न लौटने के लिए आते हैं और यहां इस उम्मीद में रहते हैं कि शायद उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाए, इसलिए वह लगातार अपने वीजा की अवधि बढ़ा रहे हैं।
अधिकारियों का रुख भी इन विस्थापितों के प्रति नरम है क्योंकि इनमें से ज्यादातर लोग पाकिस्तान में भयावह स्थिति से गुजरे हैं। जानकारी के अनुसार 2004-05 में 135 शरणार्थी परिवारों को भारत की नागरिकता दी गई, लेकिन बाकी लोग अभी भी अवैध तरीके से यहां रह रहे हैं।












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