भटक गया था रेड्डी का हेलीकॉप्टर

कन्नूर से पूरब में करीब 74 किलोमीटर दूर नलामाला जंगलों की एक पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर का मलबा और मलबे में पड़े पांच शवों के पाए जाने के बाद विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है।
फिलहाल विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने यह जरूर कहा है कि रेड्डी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद भटक गया था, जिस कारण यह हादसा हुआ। चिदबरंम ने बताया कि दुर्घटना में हेलीकॉप्टर पूरी तरह टूट और जल गया था। इसमें सवार रेड्डी और अन्य सभी लोगों के शरीर बुरी तरह झुलस गए।
सरकारी महकमें पर कई सवाल
इस दुर्घटना ने आंध्र प्रदेश के सरकारी महकमें के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला सवाल यह हेलीकॉप्टर के लापता होने की खबर के करीब दो घंटे बाद मंत्री ने उनके सुरक्षित होने का बयान कैसे दिया? किस आधार पर मीडिया को खबर दी गई कि वाईएसआर सुरक्षित हैं? सुबह 9:30 बजे हेलीकॉप्टर के लापता होने के करीब चार घंटे बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ। अभियान शुरू करने में इतना समय क्या लिया गया?
अन्य सवाल तकनीकी गड़बडि़यों को दर्शाते हैं। वो ये कि आखिर मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर में लोकेशन ट्रांसमीटर क्यों नहीं लगा था? जबकि किसी भी विमान या हेलीकॉप्टर के लिए यह सबसे जरूरी चीज है। जेड सुरक्षा के बावजूद उनके साथ सिर्फ एक सुरक्षा अधिकारी को क्यों भेजा गया?












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