संप्रग ने गुमराह पुत्र की तरह बर्ताव किया पिछले 5 सालों में : भाजपा
नागपुर, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेसनीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर पिछले पांच वषरें के शासन काल के दौरान उस पर गैर जिम्मेदाराना पुत्र की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया है जो अपने रवैये व फिजूलखर्ची से परिवार की कठोर परिश्रम से अर्जित संपत्ति का सत्यानाश कर देता है और परिवार के भविष्य को तबाह कर देता है।
पार्टी की यहां चल रही राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पारित आर्थिक प्रस्ताव में कहा गया, "कभी-कभी एक परिवार की एक पीढ़ी में एक ऐसा निकम्मा पुत्र पैदा हो जाता है जो अपने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार और फिजूलखर्ची से परिवार की कठोर परिश्रम से अर्जित सम्पत्ति का सत्यानाश कर देता है और परिवार के भविष्य को तबाह कर देता है।"
प्रस्ताव को पेश करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा, "इस सरकार ने पिछले पांच वषरें में एक पूर्णत: स्वस्थ अर्थव्यवस्था को लगभग तबाह कर दिया है। जब मई 2004 में डा़ मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संप्रग ने सत्ता संभाली थी तो देश के कई लोगों ने सोचा था कि उनके कुशल नेतृत्व में भारत के स्वर्णिम युग की शुरूआत हो पाएगी। पांच वर्षो के बाद उनका यह स्वप्न छिन्न-भिन्न हो गया है।"
उन्होंने कहा, "संप्रग सरकार ने न केवल आर्थिक सुधार रोक दिए, बल्कि उसे उल्टी दिशा में ले जाने का काम किया। अर्थव्यवस्था की बदइंतजामी के कारण बहुत सारे असंतुलन पैदा हो गए, जैसे बढ़ता हुआ राजकोषीय घाटा, बढ़ता हुआ चालू खाते का घाटा, बढ़ती मुद्रा स्फीति और अंतत: ध्वस्त होती अर्थव्यवस्था। इनमें से किसी का भी संबंध विश्व के हाल के वित्तीय संकट से नहीं है। ये सारी संप्रग सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।"
सिन्हा ने कहा, "इस सरकार के कार्यकाल में टेलीकॉम लाइसेंस में 'बोली' की धोखाधड़ी वाली प्रक्रिया को अपनाया गया तो 'सत्यम' घोटाले ने दुनिया भर के सामने भ्रष्ट कांग्रेसी राजनेताओं और फूहड़ कारोबारी परिवारों के बीच के नापाक सम्बंधों का पर्दाफाश कर दिया है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा की राष्ट्रीय परिषद इस प्रस्ताव के माध्यम से देशवासियों से वादा करती है कि बैंकों, लेखा परिक्षी संस्थाओं, विदेशी संस्थागत निवेशकों और पूंजी बाजार के अन्य घटकों के व्यवहारों के बारे में एक सक्षम नियंत्रण संरचना खड़ी करेंगे जिससे सत्यम जैसे घोटालों की पुनरावृत्ति न हो पाए। टेलीकॉम स्पैक्ट्रम आवंटन के बारे में पूरे घटनाक्रम की नये सिरे से जांच कराने के बारे में भी यह राष्ट्रीय परिषद जनता से वादा करती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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