कर्नाटक में विधायक पुत्री पर हमले के आरोप में 2 हिरासत में (लीड-1)
उधर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के केरल प्रदेश सचिव पिनारई विजयन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर श्रीराम सेना को प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया।
राज्य पुलिस के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, "इस घटना के सिलसिले में हमने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।"
इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने वादा किया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को मंगलौर के सेंट अलायसिस कालेज में 12वीं कक्षा की छात्रा श्रुति और उसके मित्र शबीब पर कुछ लोगों ने हमला किया था।
श्रुति के पिता सी. एच. कुनहांबू केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक हैं। कुनहांबू ने दावा किया है कि उनकी पुत्री पर हमला करने वाले लोग बजरंग दल और श्रीराम सेना से जुड़े हैं। दूसरी ओर इन दोनों संगठनों ने इस आरोप से इंकार किया है। विधायक ने अपनी बेटी के साथ मारपीट का कथित आरोप श्रीराम सेना नामक संगठन पर लगाया है।
नई दिल्ली में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, "हम कर्नाटक में महिलाओं के विरूद्ध हो रहे लगातार हमलों के मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं। फासीवादी ताकतें समाज में सांप्रदायिक विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन हम इसे नहीं होने देंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक सी.एच.कुंहम्बु ने शुक्रवार को कहा था कि मंगलौर के समीप श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं ने उनकी बेटी को अगवा कर लिया था और उसके साथ मारपीट की थी।
उधर माकपा के केरल प्रदेश सचिव पिनारई विजयन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैंने कल ही कहा था कि ये लोग बेहद खतरनाक हैं। हमारी पार्टी के विधायक की बेटी को अगवा किया गया और उसे कई घंटों तक सिर्फ इसलिए बंधक बनाया गया क्योंकि वह एक मुसलमान लड़के से बात कर रही थी।"
उन्होंने कहा, "वैसे भी कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शासन है। वह भी ऐसी घटनाओं का समर्थन करती रही है। आरएसएस को इसी प्रकार आगे बढ़ते दिया गया तो इस प्रकार की घटनाएं आम हो जाएंगी। राम सेना को भी उसी ने प्रोत्साहित किया है।"
इस बीच केरल के गृह मंत्री कोडियरी बालाकृष्णन ने इस घटना को 'चिंतनीय' करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं कर्नाटक के गृह मंत्री से संपर्क साधने का प्रयास कर रहा हूं। मंगलौर और बेंगलुरू में बड़ी संख्या में मलयाली युवक-युवतियां पढ़ते हैं। हम कर्नाटक सरकार से इन सभी छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन चाहते हैं।"
उल्लेखनीय है कि सेंट अलायसिस कॉलेज की 12 वर्षीय छात्रा श्रुति अपनी सहपाठी के भाई साहिब के साथ मंगलौर जा रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने दोनों को बस से बाहर खींचा और एक ऑटो रिक्शा में लेकर चले गए। कुछ घंटों के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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