अब आया ई-पुस्तकों का जमाना
जयपुर, 26 जनवरी (आईएएनएस)। तेज गति से भागती-दौड़ती जिंदगी में पठन-पाठन को आसान बनाने के लिए प्रकाशन उद्योग अपेक्षाकृत आसान और सस्ते तरीके ढूंढ़ने में लगा है। इसका एक विकल्प ई-पुस्तक के रूप में सामने आया है।
जल्द ही पारंपरिक किताबों और पुस्तकालयों के स्थान पर सुप्रसिद्ध उपन्यासों और पुस्तकों के नए रूप जैसे आडियो पुस्तकें, मोबाइल टेलीफोन पुस्तकें, ई-पुस्तकें आदि उपलब्ध होंगी।
यूरोप में पहले से ही लोकप्रिय हो चुकी यह तकनीक अब भारत में दस्तक देने को तैयार है। इन ई-पुस्तकों के प्रकाशक भारतीय लेखकों पर भी निगाहें जमाए हुए हैं।
उद्योग जगत के एक प्रतिनिधि के अनुसार ऐसी ई-पुस्तकें अभी भारतीय बाजार में तो नहीं आई हैं लेकिन उन्हें ब्रिटेन के वाटरस्टोन, अमेजन और एचएमवी जैसे ई-विक्रेताओं से खरीदा जा सकता है।
इस सप्ताह ब्रिटेन का हेवी इंटरटेनमेंट नामक ई-पुस्तक निर्माता सलमान रश्दी की प्रसिद्ध पुस्तक 'मिडनाइट चिल्ड्रेन' को छह सीडियों वाले पैक में बाजार में लाने जा रहा है। इसकी कीमत 15.99 डॉलर रखी गई है और इसमें सुप्रसिद्ध रेडियो कलाकार लिंडम ग्रेगरी की आवाज का इस्तेमाल किया गया है।
पिछले महीने ही कंपनी ने अरविंद अडिगा के बूकर पुरस्कार विजेता उपन्यास व्हाइट टाइगर का आडियो संस्करण बाजार में उतारा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications