बीटिंग-हार्ट बाईपास सर्जरी क्या है?
हृदय विशेषज्ञों का कहना है कि बीटिंग-हार्ट बाइपास प्रक्रिया के तहत शल्य चिकित्सक हृदय तक पहुंचने के लिए सीने की हट्टी में चीरा लगाते हैं। इस प्रक्रिया के तहत हृदय, ऑपरेशन के दौरान भी धड़कता रहता है।
आम बाइपास सर्जरी की तरह इस तरीके के आपरेशन के दौरान डॉक्टर हृदय को रोकने के लिए हार्ट-लंग मशीन नहीं लगाते।
इसे 'ऑफ पंप' तरीका भी कहते हैं। इसके तहत हृदय के हिस्से को स्थिर बनाए रखने के लिए शल्य चिकित्सक विशेष तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।
एक हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार शल्य चिकित्सक विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल करते हैं। इसमें रक्त धमनियों में उपस्थित अवरोध की स्थिति, रोगी का इतिहास व इस ऑपरेशन के समय उपस्थित अन्य स्थितियां शामिल होती हैं।
दिल्ली के मैक्स हार्ट व वैस्कुलर इंस्टीट्यूट में हृदय रोग विशेषज्ञ अशोक सेठ बताते हैं, "इस तरीके के ऑपरेशन के दौरान हृदय लगातार धड़कता रहता है और रक्त संचरण होता रहता है। इससे खतरे की संभावना काफी कम हो जाती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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