सोमालियाई लुटेरों के चंगुल से पुत्र के छूटने से उड़िया परिवार में खुशी
भुवनेश्वर से करीब 200 किलोमीटर दूर बालासोर में कार ने कहा, "मुंबई की एक जहाजरानी कंपनी ने मेरे बेटे को मुक्त किए जाने के बारे में सूचित किया और हम इस खबर से बहुत खुश हैं।"
लाइबेरिया के एमटी बिस्कैगलिया नामक पोत पर सवार चालक दल के 31 सदस्यों में हिमांशु (29) भी शामिल थे। इस पोत को अदन की खाड़ी में सोमाली लुटेरों ने 28 नवंबर को अगवा कर लिया था।
कार के अनुसार उनका बेटा पखवाड़े भर में घर वापस लौट सकता है।
नेशनल यूनियन ऑफ सीफार्स ऑफ इंडिया के महासचिव अब्दुलगनी सेरांग ने शुक्रवार रात मुंबई में संवाददाताओं को बताया कि एमटी बिस्कैगलिया के चालक दल के सदस्यों को लुटेरों ने गुरुवार को रिहा कर दिया। सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
इस जहाज में भारतीयों के अलावा तीन बांग्लादेशी, दो ब्रिटिश और एक आइरिश नाविक भी मौजूद था। ब्रिटिश और आयरिश सदस्य लुटेरों का हमला होते ही समुद्र में कूद गए थे और उन्हे बाद में बचा लिया गया था।
यह कैमिकल टैंकर 16,282 टन माल ले जा रहा था और इंडोनेशिया एवं यूरोप के बीच सफर कर रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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