मुहम्मद नजीब की मौत पर पाकिस्तानी मीडिया ने जताया शोक
एक रिपोर्ट में उन्हें मीडिया समुदाय का एक मूल्यवान मित्र बताया गया है।
दिल का दौरा पड़ने के बाद नजीब को गुरुवार को अपराह्न् पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (पीआईएमएस) में भर्ती कराया गया था।
शुक्रवार को द न्यूज में छपी खबर के मुताबिक तत्काल चिकित्सा उपलब्ध न हो पाने के कारण उनकी मौत हुई।
नजीब अपने पीछे पत्नी व तीन बेटों - साद (12), हसन (10) व शहरयार (5) का परिवार छोड़ गए हैं।
द न्यूज में शाहिन मकबूल ने लिखा है, "नजीब मीडिया जगत की एक लोकप्रिय हस्ती थे। खबरों को लेकर उनकी तैयारी, इनसाइक्लोपीडिया के बारे में उनका ज्ञान, अभिव्यक्ति का अंदाज व उनका सादगीपूर्ण व्यवहार लोगों को आकर्षित करता था।"
नजीब के सबसे बड़े साले व रेडियो पाकिस्तान के पूर्व उपनियंत्रक मोहम्मद इरशाद के अनुसार नजीब गुरुवार को रोज की तरह अपने कार्यालय गए। उसके बाद अपने मकान मालिक के घर गए, जहां वह संक्षिप्त बातचीत के बाद बेहोश हो गए।
उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
नजीब ने द न्यूज इंटरनेशनल के साथ वर्ष 1991 में बतौर उपसंपादक अपने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 1997 में समाचार संपादक के पद पर रहते हुए वह इस संस्थान से अलग हो गए थे।
उसके बाद वह वर्ष 2000 तक, पाकिस्तान की पहली समाचार एजेंसी न्यूज नेटवर्क इंटरनेशनल (एनएनआई) के संपादक रहे।
बाद में वह आईएएनएस के लिए काम करने लगे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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