पश्चिम बंगाल के मदरसों में हिंदू छात्रो की संख्या मुसलमानों से अधिक!
कोलकाता, 20 जनवरी (आईएएनएस)। आमतौर पर धारणा यही है कि मदरसों में कट्ठरपंथ की तालीम दी जाती है लेकिन पश्चिम बंगाल के मदरसे इस बात को बखूबी झूठला रहे हैं। राज्य में हिदू छात्र भी तेजी मदरसों की ओर रुख कर रहे हैं। यहां चार मदरसे तो ऐसे हैं जहां हिंदू छात्रों की तादाद मुस्लिम छात्रों से भी ज्यादा है।
उत्तर दिनाजपुर जिले का कासबा एमएम हाई मदरसा, कूच बिहार जिले का एकमुख सफियाबाद हाई मदरसा, बुर्दवान जिले का ओरग्राम चतुस्पल्ली हाई मदरसा और पश्चिम मिदनापुर जिले का चंद्रकोण इस्लामिया हाई मदरसा चार ऐसे नाम हैं जहां बड़ी संख्या में हिंदू छात्र तालीम हासिल कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सोहराब हुसैन ने आईएएनएस को बताया, "इन चारों मदरसों में पढ़ने वाले कुल छात्रों में हिंदू छात्रों की संख्या 57 से 64 प्रतिशत तक है।"
उन्होंने बताया कि कासबा के कुल 1,077 छात्रों में 618, ओरग्राम के कुल 868 छात्रों 554, चंद्रकोण के 312 छात्रों में 201 और एकमुख के कुल 480 छात्रों में 290 हिंदू छात्र शामिल हैं।
हुसैन का कहना है, "लोगों में यह गलत धारणा फैली है कि हमारे यहां छात्रों को सिर्फ इस्लामिक तालीम दी जाती है। वक्त बदल रहा है और इसलिए हम भी बदल रहे हैं। हम मजहब से कहीं ज्यादा विज्ञान और तकनीक की पढ़ाई पर ध्यान देते हैं।"
उन्होंने बताया कि राज्य के 42 मदरसों में पहले से ही कंप्यूटर प्रयोगशालाएं मौजूद हैं और 2009 में ऐसे मदरसों की संख्या बढ़कर 100 कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य में कुल 506 मदरसे हैं और इनमें 17 प्रतिशत छात्र व 11 प्रतिशत शिक्षक गैर मुस्लिम हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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