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प्रधानमंत्री ने जिला योजना समितियों के शीघ्र गठन का आह्वान किया

By Staff
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    डॉ़ सिह ने कहा, प्रत्येक योजना की शुरुआत एक दृष्टिकोण के साथ होनी चाहिए और हमारा सामूहिक ²ष्टिकोण क्या होना चाहिए यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। मेरे विचार से हमारे सामने सबसे अधिक महत्वपूर्ण मुद्दा असमता और असमानता को हटाने की चुनौती को पूरा करना है। दृष्टिकोण तैयार करने की प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए ग्राम स्तर पर ग्राम सभा से एक योजना के उभरने की जरूरत है।

    जब ये योजनाएं स्थानीय शासन के अगले स्तर जैसे कि अंतर्वर्ती और जिला पंचायतों तक पहुंचती हैं तो उनका एक उत्तरदायित्व उभरता है। उन प्राथमिकताओं को एक साथ लाने का यह उपयुक्त समय है, जो ग्राम पंचायतों और नगरपालिकाओं के अधिकार क्षेत्रों का संधि स्थल है।

    शहरी और ग्रामीण योजनाओं को पूरे जिले के लिए विकास योजना की रूपरेखा के रूप में परिवर्तन करना जिला योजना समितियों का उत्तरदायित्व है। अगला कदम इस योजना के साथ संसाधनों का तालमेल करना है।

    पिछले पांच वर्षो के दौरान केंद्र सरकार ने केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के लिए धनराशि को तीन गुणा बढ़ाकर वर्ष 2004-05 के 36,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2008-09 में 1,20,000 करोड़ रुपये कर दिया है। नरेगा की शीर्ष 15 केन्द्र प्रायोजित योजना की लागत लगभग 85,000 करोड़ रुपये है।

    उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले तक 24 राज्यों में से केवल 12 राज्य ही ऐसे थे जहां संविधान का पंचायती राज और नगरपालिका प्रावधान लागू थे और जिसने जिला योजना समितियों का गठन किया था। अब 19 राज्यों ने इन समितियों का गठन किया है।

    उन्होंने कहा कि शेष राज्यों से मैं निष्ठापूर्वक अपील करता हूं कि वे और अधिक समय गंवाए बिना संविधान के इन अनिवार्य प्रावधानों को लागू करें।

    एक सशक्त स्थानीय शासन प्रणाली विकसित किए बिना हमारी सामूहिक नियति के लिए हमारे सभी लोगों की ओर से मार्गदर्शन पाने और उनकी आकांक्षाओं को शामिल करने हेतु कोई अन्य तरीका नहीं है। सम्मिलित विकास 11वीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य है और केवल सम्मिलित शासन के माध्यम से ही उसे हासिल किया जा सकता है।

    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर ने इस बात पर जोर दिया कि जिला योजना समितियों को आधारभूत स्तर पर योजनाओं और लोगों की आकांक्षाओं का ध्यान रखना चाहिए।

    16 और 17 जनवरी, 2009 को आयोजित इस दो-दिवसीय सम्मेलन में अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा जिला योजना से संबंधित विषयों पर प्रस्तुतियां की जाएंगी ।

    इंडो -एशियन न्यूज सर्विस।

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