'आतंकवाद के खिलाफ जंग' की अवधारणा भ्रामक, कश्मीर विवाद सुलझे : मिलिबैंड
लंदन, 15 जनवरी(आईएएनएस)। ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने 'आतंकवाद के खिलाफ जंग' की अवधारणा को भ्रामक करार देते हुए आतंकी संगठन लश्करे तैयबा से निपटने के लिए कश्मीर विवाद का हल निकाले जाने पर जोर दिया है। उन्होंने अपने एक आलेख में यह राय जाहिर की है।
मिलिबैंड ने लेबर पार्टी से सहानुभूति रखने वाले प्रतिष्ठित अखबार 'गार्जियन' में छपे अपने एक आलेख में लिखा है, "लश्कर की जड़ पाकिस्तान में है और यह संगठन घोषित तौर पर कहता रहा है कि वह कश्मीर के लिए लड़ रहा है। मैं समझता हूं कि इस विवाद का हल निकालकर इस संगठन से निर्णायक तरीके से निपटा जा सकता है।" उनका यह आलेख ऐसे वक्त प्रकाशित हुआ है जब वह भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।
उन्होंने लिखा है कि 'आतंकवाद के खिलाफ जंग' की अवधारणा भ्रामक और कुछ हद तक गलत है। इस शब्द से यह संकेत मिलता है कि आतंकवाद एक सैन्य समस्या है और इसे सैन्य ताकत से ही दबाया जा सकता है। वह लिखते हैं, "इस्लामिक आतंकवादी विभिन्न विचारधाराओं से प्रेरित हैं। उनसे निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीतियों की जरूरत है।"
वह लिखते हैं, "इराक के बारे में अमेरिकी जनरल डेविड पेट्रॉस और दूसरे लोग मुझसे यह कहते रहे हैं कि जिस तरीके से इराक सरकार आतंकवाद से निपट रही है, उससे इस समस्या का हल निकलने वाला नहीं है। मैं समझता हूं कि आतंकवाद को समझने का नजरिया बदलने की जरूरत है।" उनकी राय है कि कश्मीर समस्या के समाधान से आतंकवादियों के हाथ से एक बड़ा मुद्दा निकल जाएगा और दहशतगर्दी फैलाने पर उन्हें जनता की नारजगी झेलनी पड़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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