यातायात नियम तोड़ने पर दंड की जगह मिला गुलाब
अव्यवस्थित यातायात को सुधारना इंदौर की ट्रैफिक पुलिस के लिए एक चुनौती भरा काम है। इसके लिए वक्त-बे-वक्त यातायात पुलिस ने कई तरह के प्रयोग किए मगर बात नहीं बनी। इस बार यातायात पुलिस ने नियम तोड़ने वालों में शर्मिंदगी का भाव पैदा करने और स्वप्रेरणा जगाने की खातिर 'गांधीगीरी' को हथियार बनाया है।
नए साल की शुरुआत के साथ यातायात सप्ताह भी शुरू हुआ। पहले दिन यातायात पुलिस के जवान और अधिकारी उन पांच प्रमुख स्थानों जिनमें रीगल चौराहा, पलासिया, एम़ आई़ जी़ चौराहा, राजबाड़ा और मधुमिलन चौराहा शामिल है, पर तैनात रहे। इन इलाकों में यातायात सबसे ज्यादा गड़बड़ है। पुलिस अमले ने नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को रोका तो वे घबरा गए, मगर उन्हें दंडित नहीं किया गया, बल्कि शुभकामना संदेश के साथ गुलाब सौंपा गया। गुलाब सौंपते वक्त वाहन चालक से नियमों के पालन की हिदायत जरूर दी गई।
उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी का कहना है कि यातायात पुलिस ने वाहन चालकों में स्वप्रेरणा जगाने के लिए यह अभियान शुरू किया है। नियम तोड़ने वाले को दंड की बजाए गुलाब दिया जाता है तो वह शर्मिन्दा होता है। उन्हें लगता है कि इस पहल से नियम तोड़ने वालों में कुछ बदलाव आएगा।
इससे पहले इंदौर में चौराहों पर लाल बत्ती जलने के बाद पुलिस के जवान सड़क के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक रस्सी लेकर खड़े हुआ करते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि लाल बत्ती भी वाहनों को नहीं रोक पाती थी। यातायात पुलिस की यह कोशिश भी नाकाम रही थी। बहरहाल, अब 'गांधीगीरी' का सहारा लिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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