नंदीग्राम में चुनावी जंग तेज
सौधृति भवानी
कोलकाता, 30 दिसंबर (आईएएनएस)। महीनों तक खूनी संघर्ष का गवाह रहे नंदीग्राम में चुनावी जंग तेज हो गई है। यहां पांच जनवरी को होने वाले उपचुनाव के नतीजे से नया राजनीतिक समीकरण तैयार हो सकता है।
सभी की नजर इस अशांत इलाके में होने वाले चुनाव पर टिकी है। पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम में विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव सत्तारूढ़ वाम गठजोड़ और विपक्ष के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच अघोषित गठजोड़ ने वाम नेताओं की नींद उड़ा दी है।
नंदीग्राम इलाका वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओें के बीच खूनी भिडं़त का गवाह रहा है। अभी भी यहां सरकार के खिलाफ जन आक्रोश की आग बुझी नहीं है। तृणमूल ने यहां से फिरोजा बीबी को मैदान में उतारा है। फिरोजा के पक्ष में सहानुभूति की हवा बह रही है, क्योंकि 14 मार्च, 2007 को यहां पुलिस फायरिंग में उनके पुत्र इनादुर की मौत हो गई थी।
सत्तारूढ़ गठबंधन की एक घटक पार्टी भाकपा ने यहां से परमानंद भारती को टिकट दिया है। पेशे से शिक्षक रहे भारती की भी इस इलाके में प्रतिष्ठा है। तृणमूल को पूरा भरोसा है कि यह सीट उसकी झोली में जाएगी। इस पार्टी द्वारा समर्थित संगठन भूमि उच्छेद प्रतिरोध कमिटी के संयोजक अबू ताहर कहते हैं कि लोग इस बार वाम गठजोड़ को जरूर सबक सिखाने को तैयार हैं।
अगर नजीता तृणमूल के पक्ष में आता है तो आगामी चुनाव में वह कांग्रेस के साथ गठजोड़ का ऐलान कर सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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