बांग्लादेश में भारी मतदान शांतिपूर्ण चुनाव का संकेत (राउंडअप)
मुख्य चुनाव आयुक्त ए.टी.एम. शमसुल हुदा ने कहा कि उन्हें 75 प्रतिशत मतदान की उम्मीद है। कुछ हिस्सों से 70 प्रतिशत मतदान की खबरें हैं।
सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्य सलाहकार फखरुद्दीन अहमद ने कहा कि वह विजेता पार्टी को सत्ता सौंपने का इंतजार कर रहे हैं।
चुनावों के लिए देशभर में कुल 35216 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। आम चुनाव में कुल 1,555 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होना है।
इस चुनाव में सत्ता के दोनों प्रमुख दावेदारों, अवामी लीग की शेख हसीना व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की खालिदा जिया ने अपनी-अपनी जीत व अगली सरकार बनाने का दावा किया है।
इसके पूर्व के चुनाव में हार का सामना करने वाली पार्टी ने चुनाव परिणाम व जटिया संसद (नेशनल एसेंबली) का बहिष्कार कर दिया था।
चुनाव अधिकारी हुदा के अनुसार इस बार मतदान प्रकिया इस तरीके से व्यवस्थित की गई है कि परिणाम का बहिष्कार करने का किसी को मौका ही नहीं होगा।
हुदा ने कहा कि 1,500 विदेशी व 200,000 स्थानीय पर्यवेक्षक पूरी चुनावी प्रक्रिया के गवाह रहे हैं।
हुदा ने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव परिणाम का बहिष्कार करना किसी के लिए भी बहुत कठिन काम होगा।
मतदान के बाद अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हसीना ने नागरिकों से चुनाव परिणाम स्वीकार करने की अपील की।
ज्ञात हो कि हसीना द्वारा चुनाव परिणाम का बहिष्कार किए जाने के कारण ही पिछले साल जनवरी महीने में हुआ आम चुनाव निरस्त कर दिया गया था।
बाद में खालिदा जिया ने भी कहा कि जो भी पार्टी चुनाव जीतेगी, वह सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, "इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।"
शुरू में मतदान की धीमी रफ्तार व कुप्रबंधन पर चिंता व्यक्त करते हुए बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा ने चुनाव आयोग से मतदान के लिए निर्धारित चार बजे तक के समय को और आगे बढ़ाने के लिए कहा।
दूसरी ओर अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने चुनावी धांधलियों की कई खबरों का हवाला दिया और उन्होंने जानना चाहा कि इस चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष कैसे कहा जा सकता है।
हसीना द्वारा प्रस्तुत की गई चुनावी धांधलियों में मतदाताओं की खरीद-फरोख्त की कोशिशें व बड़े पैमाने पर धन को जब्त किया जाना शामिल है।
मतदाताओं ने 299 चुनावी क्षेत्रों में प्रतिनिधियों के लिए मतदान किया। एक प्रत्याशी की मौत के कारण एक सीट पर मतदान रोक दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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