आडवाणी की रैली के रिज पर दुष्प्रभाव से स्थानीय निवासी चिंतित
हिमाचल में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर अयोजित होने वाली रैली की तैयारियां रिज पर पूरे जोरों पर हैं। शहर में इस खुले स्थान को माल के नाम से पुकारा जाता है।
अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि वाहनों का आवागमन और मंच बनाने के लिए की गई खुदाई से नाजुक रिज को नुकसान पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सितम्बर में हुई भारी वर्षा से रिज में दरारें आ गई हैं।
उन्होंने कहा कि रिज में दरारों से न केवल माल बल्कि पहाड़ी की चोटी पर स्थापित सरकारी कार्यालयों और इमारतों को भी खतरा पैदा हो गया है।
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के भूविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष रविंदर कुमार ने कहा कि रैली के लिए मंच तैयार करने हेतु मनमाने ढंग से खोदे गए दर्जनों गड्ढे रिज पर हमला हैं। सरकार को पहाड़ी की चोटी पर सार्वजनिक रैलियों और व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि रिज को ब्रिटिश शासकों ने 150 वर्ष पहले बनाया था। यह उनके मुख्य बाजार का काम करता था और इस मैदान के चारों ओर दुकानें थीं। बाद में ब्रिटिश अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक आयोजनों के लिए खुला रखने का निर्णय लिया और दुकानें गिरा दी गईं।
रिज पर 45 मीटर लंबे और 32 मीटर चौड़े जलाशय में 46 लाख लीटर जल संग्रहित होता है जिससे शहर की जल आपूर्ति होती है। शिमला में 1950 से रह रहे एम.आर.कोंडल का कहना है कि जलाशय का निर्माण संभवत: 1833 में किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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