भारतीय राजदूतों की बैठक समाप्त, पाकिस्तान का मुद्दा छाया रहा
इस तीन दिवसीय सम्मेलन की योजना 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले से काफी पहले बनाई गई थी लेकिन आतंकी हमले ने इस बैठक का फोकस बदल दिया और यह पूरी तरह से सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों और इसे मजबूत बनाने के साथ खत्म हुआ।
एक भारतीय राजदूत ने आईएएनएस से कहा, "केवल मुंबई पर हमले और पाकिस्तान के बारे में चर्चा नहीं की गई बल्कि विदेश नीति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें विदेश मंत्रालय के विस्तार पर भी चर्चा की गई।"
एक सूत्र ने कहा कि यह सम्मेलन राजनयिकों के लिए अपने साथियों से मिलने-जुलने का भी था जो वर्षो से नहीं मिले थे। मंत्रालय की योजना ऐसा सम्मेलन एक निश्चित समय अंतराल पर करने की है।
सम्मेलन की शुरुआत सोमवार को विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के भाषण के साथ हुई थी। मुखर्जी ने अपने भाषण में 21वीं सदी में देश की विदेश नीति का व्यापक खांका खींचा था। साथ ही उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ अपनी नीति में पाकिस्तान से सकारात्मक नतीजे की उम्मीद की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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