बुश के पत्र पर टिप्पणी से इनकार किया विदेश विभाग

वाशिंगटन, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने राष्ट्रपति जार्ज बुश द्वारा कांग्रेस को दिए लिखित आश्वासन पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। बुश ने कांग्रेस को भेजे पत्र में कहा था कि भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति केवल राजनीतिक प्रतिबद्धता है और यह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

वाशिंगटन, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने राष्ट्रपति जार्ज बुश द्वारा कांग्रेस को दिए लिखित आश्वासन पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। बुश ने कांग्रेस को भेजे पत्र में कहा था कि भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति केवल राजनीतिक प्रतिबद्धता है और यह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु समझौते को अमेरिकी कांग्रेस से मंजूरी के लिए बुश के संदेश के बारे में पूछे जाने पर विदेश विभाग के प्रवक्ता सीन मैक्कारमेक ने कहा, "यह राष्ट्रपति का कांग्रेस को लिखे गए पत्र से संबंधित है और मैं आपको इसे व्हाइट हाउस से ही पूछने की सलाह दूंगा।"

बुश के बयान से उपजे विवाद के बाद भी भारत अमेरिका के साथ असैनिक परमाणु सहयोग बनाए रखने के लिए कार्य कर रहा है। उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल 123 समझौते के प्रावधानों के अनुसार ही आगे बढ़ेगा।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने शुक्रवार को कहा, "भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु सहयोग दोनों पक्षों में हुए समझौते में निर्धारित अधिकारों और जिम्मेदारियों के आधार पर होगा।"

उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारत के अधिकार पूूरी तरह सुरक्षित रहें।

गौरतलब है कि बुश ने समझौते को आगे बढ़ाने के लिए दिए संदेश में कहा है कि समझौते की धारा (5)6 के तहत परमाणु ईंधन की सप्लाई के बारे में की गई राजनीतिक प्रतिबद्धता कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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